Bihar Panchayati Raj News: बिहार में पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हर व्यक्ति तक अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए कमर कस ली है। विभाग ने इस दिशा में अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। यह कवायद ग्रामीण विकास और जनसेवा को प्राथमिकता देने के लिए की गई है।
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ग्रामीणों को मिले योजनाओं का लाभ: मंत्री का आदेश
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने विभाग के सभागार में राज्य के सभी जिला पंचायत राज पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं पर चर्चा करना था। मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि पंचायती राज विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने सभी जिला पंचायत राज पदाधिकारियों (DPROs) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण करें। इन निरीक्षणों से न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का भी सटीक आकलन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, मंत्री ने प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को भी हर महीने पंचायत समिति और पंचायतों के स्थल निरीक्षण से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को भेजने का निर्देश दिया।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
बैठक में विभाग के सचिव मनोज कुमार ने तकनीकी सहायकों के रिक्त पदों पर होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस नियोजन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए। सचिव ने जोर देकर कहा कि अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण-पत्रों का गहन सत्यापन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की धांधली या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
इसी दौरान, मंत्री ने पंचायत सरकार भवनों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जो भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, उनका हस्तांतरण और संचालन तुरंत शुरू किया जाए। मंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि क्रियाशील पंचायत सरकार भवनों में बैंकिंग सेवाएं, डाकघर, पुस्तकालय, आरटीपीएस (लोक सेवा का अधिकार) केंद्र, बायोमेट्रिक मशीन और सोलर पैनल जैसी आवश्यक सुविधाएं स्थापित की जाएं। इसके अलावा, भवन परिसरों की नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाईकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
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आधार सेवा केंद्र और मृत्यु प्रमाण-पत्र की सुविधा
सचिव मनोज कुमार ने राज्य की 2,000 ग्राम पंचायतों में 21 जून तक आधार सेवा केंद्र शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया। ये केंद्र ग्रामीणों को आधार संबंधी सेवाओं के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता को समाप्त करेंगे। उन्होंने पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि के चयन पर विशेष बल दिया और चेतावनी दी कि जल-जमाव वाले या अनुपयुक्त स्थलों पर बने भवनों की जांच की जाए और इसके लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने तकनीकी सहायक और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों के माध्यम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित स्थल निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
अंत्येष्टि के बाद मृतक के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने के संबंध में भी सचिव ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में स्थित मोक्षधाम और कब्रिस्तानों से संबंधित मामलों में मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने के संबंध में नियमित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाए। यह सुनिश्चित करेगा कि शोकाकुल परिवारों को आवश्यक दस्तावेज के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
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इन निर्देशों के माध्यम से, पंचायती राज विभाग बिहार के ग्रामीण परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने और जनता को सरकारी सेवाओं के करीब लाने का प्रयास कर रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण और विकास की नई इबारत लिखी जा सके।







