Patna Sports News: बिहार में खेल और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया गया है, जिसके तहत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से जुड़े क्रिकेटरों को भी सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव है। यह सुविधा ओलंपिक पदक विजेताओं को मिलने वाली सरकारी नौकरियों के समान होगी, जिससे खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने हाल ही में खेल विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य में खेल के विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए।
डुमरी स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट: खेल का नया केंद्र
राज्य सरकार ने पटना जिले के पुनपुन प्रखंड में बनने वाले ‘डुमरी स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट’ के विकास में तेजी लाने का निर्देश दिया है। यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य बिहार में एक विश्व स्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी के लिए 574 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। पटना के जिलाधिकारी और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रस्ताव भेजा जा चुका है। ‘डुमरी स्पोर्ट्स सिटी’ में विभिन्न खेलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिल पाएगा। यह परियोजना बिहार को खेल के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
बिहार सरकार का यह निर्णय राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हो सकता है। बीसीसीआई से जुड़े क्रिकेटरों को सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी राहत है, जो उन्हें खेल के साथ-साथ करियर सुरक्षा भी प्रदान करेगा। इस तरह के प्रोत्साहन से युवा खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
ओलंपिक विजेताओं की तरह क्रिकेटरों को भी सरकारी सेवाओं में स्थान मिलने से खेल के प्रति उनका समर्पण और बढ़ेगा। यह नीति न केवल क्रिकेट बल्कि अन्य खेलों के खिलाड़ियों के लिए भी एक सकारात्मक माहौल बनाएगी। सरकार का मानना है कि इससे खेल प्रतिभाएं राज्य की ओर आकर्षित होंगी और बिहार खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा।
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इसके अलावा, बिहार सरकार ने राज्य में जिला खेल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। इन केंद्रों को वर्ष 2026 तक कार्यात्मक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन उत्कृष्टता केंद्रों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देना है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों से भी खिलाड़ी आगे आ सकेंगे।
बिहार में खेल विकास की नई पहल
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार बिहार को खेल के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ‘खेलो बिहार’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन पहलों के जरिए राज्य में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
सरकार का ध्यान केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह दूरदराज के क्षेत्रों में भी खेल सुविधाओं का विस्तार करना चाहती है। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से निश्चित रूप से बिहार से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई नए खिलाड़ी उभरकर सामने आएंगे। खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार लगातार प्रयासरत है और यह निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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खेल मंत्री ने यह भी जोर दिया कि सभी परियोजनाएं पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की रिपोर्ट देने और किसी भी बाधा को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आवंटित धन का सदुपयोग हो और योजनाएं समय पर पूरी हों, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
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यह पहल बिहार में खेलों के लिए एक नया अध्याय लिखेगी। ‘डुमरी स्पोर्ट्स सिटी’ और Bihar Government Jobs में खिलाड़ियों के लिए आरक्षण जैसी योजनाएं राज्य के युवाओं में खेल के प्रति जुनून को बढ़ावा देंगी, जिससे बिहार न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन कर पाएगा। सरकार की यह दूरदर्शी सोच निश्चित रूप से बिहार को एक खेल हब के रूप में विकसित करने में सहायक होगी।







