Bihar NITI Aayog News: हाल ही में संपन्न हुई नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष राज्य की विकास यात्रा का एक विस्तृत चित्रण प्रस्तुत किया। उन्होंने ठोस आंकड़ों और विस्तृत ब्योरे के साथ यह दर्शाया कि कैसे बिहार प्रगति की राह पर अग्रसर है। इस महत्वपूर्ण मंच पर, मुख्यमंत्री चौधरी ने केंद्र सरकार से राज्य के सतत विकास के लिए विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की, ताकि “विकसित भारत-2047” की परिकल्पना को साकार करने में बिहार अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से 18000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की विशेष मांग रखी। उन्होंने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि बिहार सरकार ने “हर घर नल का जल” कार्यक्रम में महत्वपूर्ण निवेश किया है, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर जल जीवन मिशन के निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सका है। हालाँकि, कुछ प्रशासनिक जटिलताओं के कारण, इस मद में केंद्र सरकार से अपेक्षित राशि अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हो पाई है, जिससे परियोजनाओं के आगे के चरण प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि इस पहल पर राज्य द्वारा पहले ही व्यय की जा चुकी राशि के केंद्रांश के रूप में लगभग 13000 करोड़ रुपये का भुगतान तुरंत किया जाए। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में क्रियान्वित की जा रही नई योजनाओं को गति देने के लिए 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन भी किया जाए। कुल मिलाकर, यह 18000 करोड़ रुपये की मांग राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह राशि बिहार के लाखों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में निर्णायक साबित हो सकती है।
नीति आयोग में बिहार का औद्योगिक और कनेक्टिविटी एजेंडा
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की बैठक में बिहार के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराने का भी सशक्त आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार का पर्यटन मानचित्र पर एक अद्वितीय स्थान है, विशेषकर इसकी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा न होने के कारण यहाँ आने वाले विदेशी पर्यटकों को असुविधा होती है और पर्यटन की वास्तविक क्षमता का दोहन नहीं हो पाता है। इस सुविधा से राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और विश्व मंच पर बिहार की पहचान मजबूत होगी।
राज्य में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से, सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार से भारत औद्योगिक विकास योजना (भाव्या) के तहत बिहार को 10 अत्याधुनिक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क आवंटित करने का अनुरोध किया। इन पार्कों का निर्माण उद्योगों को एक रेडी-टू-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगा, जिससे निवेश आकर्षित होगा और नए उद्यमों की स्थापना में तेजी आएगी। उनका मानना है कि ऐसे ढांचागत विकास से बिहार एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकता है।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने उद्योग, वाणिज्य और सामाजिक-आर्थिक विकास में नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान का एक क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की भी वकालत की। उन्होंने निफ्टेम (NIFTEM) सहित अन्य कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक और प्रबंधन संस्थानों की स्थापना पर भी विशेष जोर दिया। इन संस्थानों से राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर सुधरेगा, युवाओं को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा और वे तेजी से बदलते वैश्विक बाजार के लिए तैयार हो सकेंगे। यह Samrat Choudhary News बिहार के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश साबित हो सकता है।
नीति आयोग: खेल आयोजनों और विकसित भारत में बिहार की भूमिका
खेल के क्षेत्र में भी बिहार ने अपनी महत्वाकांक्षाओं को नीति आयोग के मंच पर व्यक्त किया। मुख्यमंत्री चौधरी ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह 2028 में नेशनल यूथ गेम्स, 2030 में प्रतिष्ठित हॉकी विश्व कप और 2031 में राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए बिहार को विशेष सहयोग प्रदान करे। इन विशाल खेल आयोजनों की मेजबानी से राज्य की प्रतिष्ठा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई गुना बढ़ेगी। साथ ही, यह राज्य के युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करेगा और उन्हें खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी को यह आश्वस्त किया कि “विकसित भारत-2047” की राष्ट्रीय परिकल्पना को साकार करने में समृद्ध बिहार की भी पूरी सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि बिहार अपने सामर्थ्य और संकल्प के साथ देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका यह वक्तव्य राज्य के प्रति उनकी गहन प्रतिबद्धता और एक प्रगतिशील भविष्य के लिए उनकी दूरदर्शिता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यह दर्शाता है कि राज्य के नेतृत्व में बिहार अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलकर विकास के नए आयाम गढ़ने को तैयार है।
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आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा नीति आयोग में रखी गई ये मांगें और प्रस्तुत की गई विकास योजनाएं बिहार को एक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। केंद्र से अपेक्षित सहयोग मिलने पर, बिहार अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करते हुए राष्ट्रीय विकास में एक अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।







