Raxaul Airport News: रक्सौल एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रस्तावित एयरपोर्ट के विस्तार और निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई भूमि को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को सौंपने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अगले एक सप्ताह के भीतर यह महत्वपूर्ण हस्तांतरण होने की संभावना है, जिससे वर्षों से लंबित पड़ी यह परियोजना अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम पड़ाव पर
जिला भू-अर्जन कार्यालय ने 1 जून को अंतिम आम सूचना जारी की थी, जिसकी निर्धारित अवधि अब पूरी हो चुकी है। इसके बाद प्रशासन ने तेजी से अधिग्रहित भूमि को एएआई के हवाले करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिन रैयतों ने अभी तक मुआवजे के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, उनकी मुआवजा राशि को लारा कोर्ट में जमा कराया जाएगा। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि वे कानूनी प्रक्रिया के तहत बाद में अपना भुगतान प्राप्त कर सकें।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अगले कुछ ही दिनों में, अधिग्रहित भूमि का विधिवत दखल-कब्जा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो रक्सौल में एक आधुनिक हवाई अड्डे के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
छह मौजों की जमीन परियोजना में शामिल
इस महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट परियोजना के विस्तार के लिए कुल छह मौजों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इनमें भरतमही, एकडेरवा, सिंहपुर, चिकनी, सिसवा और चंदुली मौजा शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना के महत्व को देखते हुए अब किसी भी प्रकार की देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है ताकि परियोजना समय पर आगे बढ़ सके।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि एएआई की टीम अगले दो-तीन दिनों में मोतिहारी पहुंचेगी। उनकी टीम यहां पहुंचकर आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करेगी, जिसके बाद भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। इस टीम का आगमन परियोजना की गति में तेजी लाएगा और निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने में मदद करेगा।
सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई उड़ान
रक्सौल भारत और नेपाल सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। इस एयरपोर्ट के बनने से पूर्वी चंपारण और पूरे उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के तराई क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगी और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करेगी।
स्थानीय निवासियों का मानना है कि देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Bihar Development News के तहत यह पहल रक्सौल को क्षेत्रीय स्तर पर एक नई पहचान प्रदान करेगी, जिससे पूरे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। हवाई कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं के निर्यात-आयात में आसानी होगी, जिससे किसानों और व्यापारियों को सीधा फायदा मिलेगा।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस एयरपोर्ट के निर्माण से न केवल हवाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दशकों से प्रतीक्षित यह परियोजना अब वास्तविकता का रूप लेने जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल है। यह पूर्वी चंपारण के लिए एक नई सुबह का प्रतीक होगा।







