Bhagalpur Vikramshila Setu News: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर हल्के वाहनों के परिचालन को लेकर पिछले कुछ दिनों से बनी असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस महत्वपूर्ण सेतु पर हल्के वाहनों का आवागमन पूरी तरह से सुरक्षित एवं सुचारू रूप से जारी रहेगा। यह राहत भरी खबर आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम और निगम के शीर्ष अधिकारियों के गहन संयुक्त निरीक्षण के बाद आई है, जिसने हजारों दैनिक यात्रियों और स्थानीय निवासियों की चिंताओं को दूर किया है।
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पुल पर मंडराया था खतरा, क्यों फैली थी चिंता?
दरअसल, 3 मई 2026 की मध्यरात्रि में विक्रमशिला सेतु के P2-P3 स्पैन का 34 मीटर लंबा सस्पेंडेड हिस्सा अप्रत्याशित रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था और पुल की संरचनात्मक अखंडता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। यह क्षति न केवल इंजीनियरिंग की दृष्टि से चिंताजनक थी, बल्कि इससे लाखों लोगों के दैनिक जीवन पर भी सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका थी।
क्षति की गंभीरता को देखते हुए, विभिन्न मीडिया माध्यमों में लगातार खबरें प्रकाशित हो रही थीं, जिनमें पुल की सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे थे। इन खबरों के कारण आम जनता में पुल पर आवागमन को लेकर गहरा संशय और भय व्याप्त हो गया था, जिससे यातायात व्यवस्था में भी अनिश्चितता की स्थिति बन गई थी।
इस गंभीर क्षति के उपरांत, विभागीय निर्देशों के तहत युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया गया। सीमा सड़क संगठन (BRO) के सहयोग से क्षतिग्रस्त भाग पर तुरंत बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया। यह निर्णय आईआईटी पटना द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया था, जिसमें BRO को संबंधित स्पैन पर बेली ब्रिज बनाने का अनुरोध किया गया था।
इस प्रक्रिया के तहत, V5-P1, P1-P2, P2-P3 और P3-P4 स्पैन पर कुल चार बेली ब्रिज स्थापित किए गए। इन बेली ब्रिजों का उद्देश्य क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत करना और पुल की भार वहन क्षमता को बनाए रखना था, ताकि आवागमन पूरी तरह से ठप न हो।
आईआईटी पटना की टीम ने क्या पाया निरीक्षण में?
पुल की स्थिति का आकलन करने के लिए निर्माण अवधि के दौरान लगातार दृश्य निरीक्षण किए गए थे। इन निरीक्षणों के दौरान बैलेंस्ड कैंटिलीवर स्पैन के एक्सपेंशन जॉइंट में उत्पन्न गैप की सावधानीपूर्वक माप की गई थी। प्रारंभिक मापों में भागलपुर की ओर औसतन 90 से 100 मिलीमीटर और नवगछिया की ओर औसतन 40 से 50 मिलीमीटर का गैप दर्ज किया गया था।
हाल ही में, 10 जून 2026 को प्रिंट और डिजिटल मीडिया में फिर से एक्सपेंशन जॉइंट के बीच गैप बढ़ने संबंधी समाचार प्रकाशित हुए। इन खबरों ने एक बार फिर जनता में बेचैनी पैदा कर दी, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से सवाल उठने लगे। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल कार्रवाई की गई।
इस बार, सेतु का ड्रोन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के माध्यम से अत्यंत विस्तृत और गहन निरीक्षण कराया गया। इसके तुरंत बाद, 11 जून 2026 को आईआईटी पटना की एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीम और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के उपमुख्य अभियंता ने संयुक्त रूप से स्थल का दौरा किया और एक व्यापक निरीक्षण किया।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान, टीम ने सेतु के अंदर और बाहर स्थित एक्सपेंशन जॉइंट के गैप की दोबारा मापी की। विशेषज्ञों ने सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की और पाया कि भागलपुर की ओर औसतन 90 से 100 मिलीमीटर और नवगछिया की ओर औसतन 40 से 50 मिलीमीटर का गैप बरकरार है।
यह निष्कर्ष निकाला गया कि वर्तमान माप पूर्व में दर्ज स्थिति के बिल्कुल अनुरूप और यथावत पाई गई। इसका अर्थ यह है कि एक्सपेंशन जॉइंट के गैप में किसी भी प्रकार की कोई अतिरिक्त वृद्धि नहीं हुई है, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था।
हल्के वाहनों के लिए सुरक्षित है पुल, आवागमन जारी रहेगा
आईआईटी पटना और निगम मुख्यालय द्वारा किए गए इस विस्तृत और संतोषजनक निरीक्षण के बाद, एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने हल्के वाहनों के परिचालन को सुरक्षित और निर्बाध रूप से जारी रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो इस महत्वपूर्ण मार्ग से रोजाना यात्रा करते हैं।
विक्रमशिला सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि भागलपुर और नवगछिया सहित आसपास के कई जिलों के लिए जीवनरेखा है। यह पूर्वी बिहार और सीमांचल के बीच व्यापार, वाणिज्य और सामाजिक संपर्कों का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार और संबंधित विभागों की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। यह Bihar Bridge News प्रदेश भर में उत्सुकता का केंद्र बनी हुई थी, और अब इस स्पष्टीकरण से लोगों में भरोसा बहाल हुआ है।
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वरीय परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, भागलपुर ने आश्वस्त किया है कि पुल पर सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। उन्होंने जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अतः, विक्रमशिला सेतु पर हल्के वाहनों का आवागमन पूर्ववत सुचारू रूप से जारी रहेगा और यात्रियों को अब किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







