Bihar Jaggery Subsidy News: बिहार राज्य में गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य सरकार ने गुड़ उत्पादन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत गन्ना किसानों और अन्य निवेशकों को भारी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह योजना राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस कार्यक्रम के तहत, इच्छुक व्यक्ति और समूह अपनी गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए 6 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जून 2026 निर्धारित की है। यह उन सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है जो इस क्षेत्र में निवेश करके लाभ कमाना चाहते हैं।
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गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने की सरकारी पहल
बिहार सरकार राज्य में चीनी उद्योग और गन्ना उत्पादन दोनों को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इन प्रयासों के तहत, गन्ना किसानों को उन्नत खेती के लिए अनुदान और विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। ‘बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम’ इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है।
इस योजना के माध्यम से, सरकार चाहती है कि किसान केवल गन्ना उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि वे मूल्य वर्धन करके अपनी आय बढ़ाएं। गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना से न केवल किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह पहल राज्य के औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। Bihar Sugarcane Farmer News अब सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे सीधे उत्पादों के निर्माण में भी भागीदार बन सकेंगे।
लाखों से करोड़ों तक का अनुदान: ऐसे उठाएं लाभ
गन्ना उद्योग विभाग ने विभिन्न पेराई क्षमता वाली गुड़ उत्पादन इकाइयों के लिए पूंजीगत लागत के 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया है। जिन इकाइयों की प्रतिदिन गन्ना पेराई क्षमता 5 से 20 टन है, उन्हें अधिकतम 6 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। यह छोटे और मध्यम स्तर के निवेशकों के लिए काफी आकर्षक विकल्प है।
इसी तरह, मध्यम और बड़े पैमाने की इकाइयों के लिए भी पर्याप्त सहायता उपलब्ध है। 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाइयों को अधिकतम 15 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं, 41 से 60 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाइयों को 45 लाख रुपये तक का भारी अनुदान दिया जाएगा। सबसे बड़ी इकाइयों, जिनकी क्षमता 60 टन से अधिक है, उन्हें अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिल सकता है, जो उनके लिए एक बड़ा वित्तीय प्रोत्साहन है।
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ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि
इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसानों और निवेशकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ccs.bihar.gov.in पर जाकर सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा करने होंगे। आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि अधिकतम लोग इसका लाभ उठा सकें।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जून 2026 है। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए सभी पात्र व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे समय रहते अपना आवेदन जमा कर दें। यह योजना बिहार में गुड़ उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति ला सकती है।
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यह ‘बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम’ राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा देने वाला है। इससे न केवल गुड़ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि गन्ना किसानों की आय में भी वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर बिहार की ओर एक महत्वपूर्ण प्रयास है।







