Gaya NEET Scam News: गुजरात की अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के साथ मिलकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एजेंसी ने NEET UG 2026 फीस रिफंड घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी बिहार का एक छात्र है, जिसने सैकड़ों परीक्षार्थियों को धोखा देने की कोशिश की, जिससे लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य पर खतरा मंडरा रहा था।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का उपयोग करते हुए बिहार के गया जिले में छापेमारी की। इस दौरान उन्हें 19 वर्षीय नवीनकुमार शंकर प्रसाद यादव नामक बीएससी (B.Sc.) के छात्र को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। आरोपी छात्र ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के आधिकारिक परीक्षा पोर्टल में अवैध रूप से सेंध लगाने का प्रयास किया था, जिसका उद्देश्य काउंसलिंग के बाद मिलने वाली सुरक्षा राशि (फीस रिफंड) को सीधे अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करना था।




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करोड़ों के NEET फीस रिफंड पर थी अपराधी की नजर
अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार छात्र नवीनकुमार बिहार के गया जिले से ही इस पूरे डिजिटल फ्रॉड को अंजाम दे रहा था। उसने एक NEET परीक्षार्थी की गोपनीय क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके पोर्टल पर एक फर्जी लॉगिन आईडी बनाई थी। इसके माध्यम से उसने एनटीए की मुख्य वेबसाइट के भीतर घुसपैठ की और छात्रों के प्रोफाइल तक पहुंच बनाई।
NEET UG परीक्षा के बाद होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में छात्रों द्वारा एक निश्चित सुरक्षा राशि जमा की जाती है, जो काउंसलिंग पूरी होने के बाद नियमानुसार वापस कर दी जाती है। आरोपी की योजना इस करोड़ों रुपए की राशि को अवैध तरीके से अपने नियंत्रण वाले खातों में डायवर्ट करने की थी। यह घटना Bihar Cyber Crime News के बढ़ते मामलों का एक और उदाहरण है, जहां अपराधी डिजिटल माध्यमों का फायदा उठा रहे हैं।
कमजोर पासवर्ड वाले छात्र बने पहला शिकार
पुलिस पूछताछ में नवीनकुमार ने बताया है कि उसने कुल 350 खातों को निशाना बनाया था। इनमें से लगभग 150 छात्र ऐसे थे जिन्होंने सुरक्षा के लिहाज से बेहद कमजोर या आसानी से गेस किए जाने वाले पासवर्ड डाल रखे थे। आरोपी ने इन कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया और उनके खातों को हैक करने में सफल रहा। जिन छात्रों ने मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल किया था, उनके अकाउंट को हैक करने में उसे सफलता नहीं मिली।
हैक किए गए 150 से अधिक खातों में प्रवेश करने के बाद आरोपी छात्र ने सीधे उन विकल्पों को निशाना बनाया जहां काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद फीस रिफंड की रकम वापस आती है। नवीनकुमार ने चालाकी से उन छात्रों के असली बैंक खातों के विवरण को पोर्टल से हटा दिया। उसकी मंशा थी कि लाखों रुपए के फीस रिफंड पर अपना कब्जा जमा सके।
NTA की सतर्कता से टला बड़ा वित्तीय नुकसान
छात्रों की असली बैंकिंग डिटेल मिटाने के बाद उसने उसकी जगह अपने और अपने करीबियों के बैंक खातों की जानकारी फीड कर दी थी। उसका इरादा यह था कि जैसे ही एनटीए की तरफ से रिफंड जारी हो, वह पूरी रकम सीधे उसके पास आ जाए और किसी को इसकी भनक न लगे। हालांकि, इससे पहले कि पैसा ट्रांसफर होता और छात्रों को बड़ा वित्तीय नुकसान होता, एनटीए के चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर ने इस संदिग्ध गतिविधि को पकड़ लिया।
इस साइबर फ्रॉड का खुलासा तब हुआ जब पोर्टल के सुरक्षा तंत्र ने एक ही आईपी एड्रेस से कई खातों में हो रहे बदलावों को डिटेक्ट किया। एनटीए ने तुरंत इसके डिजिटल फुटप्रिंट अहमदाबाद पुलिस से साझा किए। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की ट्रैकिंग करते हुए बिहार में आरोपी नवीनकुमार की सही लोकेशन का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस त्वरित कार्रवाई से करोड़ों रुपए का घोटाला होने से पहले ही टल गया।
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छात्रों में चिंता और भविष्य की सुरक्षा के सवाल
इस घटना ने देशभर के उन हजारों छात्रों में चिंता पैदा कर दी है जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। इस खुलासे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अपनी सुरक्षा प्रणालियों की समीक्षा करने और उन्हें और मजबूत करने का आश्वासन दिया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नवीनकुमार किसी बड़े साइबर गिरोह का हिस्सा है या उसने यह काम अकेले ही अंजाम दिया है।
साइबर विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने ऑनलाइन खातों के लिए हमेशा मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह उनकी गोपनीय जानकारी को चुराने का एक जरिया हो सकता है। फिलहाल, नवीनकुमार से आगे की पूछताछ जारी है, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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