Bihar Electricity: बिहार में बिजली की खपत ने बीते 18 जून, 2026 को एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। राज्य के ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस दिन रात 9 बजकर 5 मिनट पर बिजली की पीक डिमांड 8,874 मेगावाट तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे अधिक मांग थी, जिसे वास्तविक समय में पूरा कर लिया गया, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हुई।
बढ़ती मांग, मजबूत होती अर्थव्यवस्था का संकेत
ऊर्जा विभाग ने इस उपलब्धि को बिहार की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं का प्रमाण बताया है। विभाग के मुताबिक, यह बढ़ती खपत राज्य में आर्थिक गतिविधियों में तेजी और घरों में उपभोग के बेहतर होते पैटर्न को दर्शाती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांग में इतनी तीव्र वृद्धि के बावजूद, बिजली व्यवस्था स्थिर बनी रही। यह सब मजबूत उत्पादन, पारेषण (ट्रांसमिशन) और वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) बुनियादी ढांचे के कारण संभव हो पाया।




हर कोने तक पहुंची निर्बाध बिजली
अधिकारियों ने पुष्टि की कि पीक लोड की स्थिति में भी उपभोक्ताओं को किसी बड़ी बाधा का सामना नहीं करना पड़ा। विभाग के अनुसार, सभी बिजली इकाइयों के समन्वित संचालन ने पूरे बिहार ग्रिड में स्थिर आपूर्ति बनाए रखने में मदद की। यह दर्शाता है कि राज्य का ऊर्जा तंत्र अब ऐसी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।
ऊर्जा विभाग के नेतृत्व का बयान
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, अजय यादव (आईएएस) ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग आर्थिक विकास और जीवन स्तर में सुधार का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभाग की टीमों ने रिकॉर्ड मांग स्तर पर भी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की, जिसे उन्होंने इंजीनियरों और फील्ड स्टाफ के निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया।
अजय यादव ने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में और वृद्धि होने की उम्मीद है। ऊर्जा विभाग इस बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए लगातार काम कर रहा है, ताकि भविष्य में भी राज्य के हर कोने में निर्बाध बिजली पहुंचाई जा सके।







