Darbhanga News: अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ वृद्धजन दुर्व्यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस के अवसर पर दरभंगा जिले के बेनीपुर स्थित बुनियाद केंद्र में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बुजुर्गों के सम्मान और समाज में उनके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस घर में बुजुर्ग मुस्कुराते हुए मिल जाएं, उस घर में देवताओं का निवास होता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
वृद्धजनों के प्रति दुर्व्यवहार गंभीर चुनौती
प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति दुर्व्यवहार को वर्तमान समय की एक गंभीर सामाजिक चुनौती बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका सीधा असर बुजुर्गों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है। प्रवीण कुमार ने यह भी रेखांकित किया कि वृद्धजनों के लिए एक सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल बनाना परिवार, समाज और सरकार, सभी की साझा जिम्मेदारी है।
विधिक सेवा प्राधिकार का सहयोग
कार्यक्रम में मौजूद पैनल अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि दरभंगा जिला विधिक सेवा प्राधिकार वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने सभी वरिष्ठजनों से अपील की कि वे किसी भी कानूनी सहायता के लिए निःसंकोच प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं। यह पहल बुजुर्गों को न्याय और समर्थन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बुनियाद केंद्र की महत्वपूर्ण सेवाएं
बुनियाद केंद्र बेनीपुर के प्रबंधक अबु नसर ने केंद्र द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां फिजियोथेरेपी, नेत्र जांच, निःशुल्क चश्मा वितरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल और अन्य आवश्यक उपकरण भी मुहैया कराए जाते हैं। केंद्र दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने और पेंशन केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं में भी सहायता प्रदान करता है, साथ ही बच्चों को भी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता मोहम्मद हैदर अली, प्राधिकार सहायक कुमार गौरव सहित सीता देवी, रिंकू देवी, देवता देवी, पवन देवी, गजेंद्र यादव, नीलाम्बर साहु, मोहम्मद मनीर और कमलेश चौधरी जैसे कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन वृद्धजनों के अधिकारों और उनके प्रति समाज की जिम्मेदारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ।







