Patna Health News: बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में डॉक्टरों की भारी कमी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, PMCH में डॉक्टरों के 1024 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 473 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। यह स्थिति बताती है कि अस्पताल में 551 डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, जिसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है।
पीएमसीएस में डॉक्टरों की कमी, मरीज बेहाल
डॉक्टरों की इस भारी कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल के वार्डों में अक्सर भीड़भाड़ रहती है और कई बार गंभीर मरीजों को भी समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है। इससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।




स्वास्थ्य विभाग को कई बार लिखा गया पत्र
अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को इन रिक्तियों को भरने के लिए कई बार पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के कारण उन्हें पर्याप्त देखभाल नहीं मिल पाती, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति और बिगड़ सकती है। सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि PMCH में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारा जा सके और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
क्या है डॉक्टरों के पदों की स्थिति?
- स्वीकृत पद: 1024
- कार्यरत डॉक्टर: 473
- खाली पद: 551
यह आंकड़ा बिहार की स्वास्थ्य प्रणाली में मौजूदा चुनौतियों को दर्शाता है। इस कमी को दूर करने के लिए तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करना आवश्यक है, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ मिल सकें और अस्पताल की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से चल सके।







