Bihar Education: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि राज्य के सभी महाविद्यालयों में अब रात आठ बजे तक कक्षाएं संचालित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि छात्रों को राज्य के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उच्च शिक्षा को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह बात पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध एएन कॉलेज के स्थापना दिवस समारोह में कही। यह कॉलेज बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री दिवंगत अनुग्रह नारायण सिंह के नाम पर है, जिनकी जयंती भी इसी दिन थी। उन्होंने कॉलेज की प्राचार्य रत्ना अमृत से कक्षाओं के समय के बारे में जानकारी ली, जिस पर उन्हें बताया गया कि दोपहर दो बजे के बाद परिसर अक्सर खाली हो जाता है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति में एक अवसर देखा और सुझाव दिया कि कक्षाएं रात आठ बजे तक चलनी चाहिए।




मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा, “कृपया यह न समझें कि मैं केवल भाषण दे रहा हूं। हम ऐसा ढांचा तैयार करना चाहते हैं जिससे यह संभव हो सके। हमारे बच्चे उच्च शिक्षा के लिए पंजाब और महाराष्ट्र जैसे दूर-दराज के राज्यों में जाते हैं। हमें अपनी उच्च शिक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाना होगा कि उनकी जरूरतें बिहार में ही पूरी हो सकें।”
जुलाई से दिखेंगे बदलाव, नए कॉलेजों की स्थापना
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका यह सुझाव केवल बयानबाजी नहीं है, बल्कि सरकार इस दिशा में आवश्यक ढांचागत बदलाव करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ की आबादी वाले बिहार के लिए मौजूदा शैक्षणिक ढांचा पर्याप्त नहीं है, लेकिन जुलाई महीने से इसमें महत्वपूर्ण परिवर्तन दिखाई देने लगेंगे। राज्य सरकार 200 से अधिक नए कॉलेज स्थापित करने पर कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त, मुक्त विश्वविद्यालयों और डीम्ड विश्वविद्यालयों की स्थापना की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य बिहार में उच्च शिक्षा को सुलभ और मजबूत बनाना है, जिससे छात्रों को अपने गृह राज्य में ही बेहतर अवसर मिल सकें।







