
Bihar E-Bus: बिहार के शहरी परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। जल्द ही राज्य के छह प्रमुख शहरों की सड़कों पर कुल 400 अत्याधुनिक Bihar ई-बसें दौड़ती नजर आएंगी। ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी), परिवहन विभाग और ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच इन 400 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यात्रियों को खास सौगात देते हुए पहले चरण में जुलाई महीने से ही 200 बसों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
इन 6 शहरों को मिलेगा ई-बसों का सीधा लाभ, महिलाओं के लिए विशेष ‘पिंक बस’
इस नई योजना से पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। कुल 400 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें बिहार को मिलेंगी, जिनमें 35 और 42 सीटर क्षमता वाली बसें शामिल हैं। सरकार के अनुसार, पहले चरण में जो 200 बसें सड़कों पर उतरेंगी, उनमें से 50 बसों को ‘पिंक बस’ के रूप में विशेष रूप से संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।




यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षित सफर
नई ई-बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। इन बसों में कई आधुनिक फीचर्स उपलब्ध होंगे, जो सफर को पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित बनाएंगे:
- सीसीटीवी कैमरा
- जीपीएस आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग
- पैनिक बटन
- पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम
- फायर सेफ्टी किट
- फर्स्ट एड किट
- मोबाइल चार्जिंग पॉइंट
इन सुविधाओं से यात्रियों की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों का रुझान बढ़ेगा।
प्रदूषण घटाने और डीजल निर्भरता कम करने में मिलेगी मदद: परिवहन मंत्री
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने इस पहल को बिहार के सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने वाला बताया। उन्होंने कहा, “पीएम ई-बस सेवा योजना से न केवल बसों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि लोगों को पर्यावरण अनुकूल परिवहन का विकल्प भी मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण कम होगा, डीजल पर निर्भरता घटेगी और लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करेंगे।”
आधुनिक चार्जिंग नेटवर्क और बस टर्मिनलों का विकास
ई-बसों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी छह प्रमंडलों में आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक 50 बसों के लिए बस डिपो में आठ फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे। इन चार्जरों की मदद से बसों को लगभग 1 से 1.5 घंटे में पूरी तरह चार्ज किया जा सकेगा। ऊर्जा विभाग भी इस महत्वपूर्ण परियोजना में सहयोग कर रहा है। इसके साथ ही, बीएसआरटीसी राज्य के 31 बस डिपो और बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर आधुनिक बस टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहा है। ई-टिकटिंग व्यवस्था और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी तेजी से काम चल रहा है। परिवहन विभाग का मानना है कि इन पहलों से बिहार के प्रमुख शहरों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी।






