
Bihar Traffic: नीट यूजी की दोबारा परीक्षा को लेकर पटना में विशेष ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है। 21 जून को होने वाली इस परीक्षा के मद्देनजर पटना जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने बापू परीक्षा परिसर, कुम्हरार और आसपास के इलाकों में परीक्षार्थियों की संभावित भीड़ को देखते हुए कई वाहन मार्गों में बदलाव किया है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य प्रमुख सड़कों पर भीड़ कम करना और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।
धनकी मोड़ से आने वाले वाहनों के लिए नया रास्ता
ट्रैफिक योजना के अनुसार, धनकी मोड़ से पटना शहर की ओर जाने वाले सभी ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा अब अपने सामान्य मार्ग का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इन वाहनों को जीरो माइल, नया बाइपास और भूतनाथ रोड होते हुए पुराने बाइपास से गुजरना होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम परीक्षा के घंटों के दौरान शहर के मुख्य गलियारों पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए उठाया गया है। धनकी मोड़ से शहर की ओर आने वाले बड़े वाहन, जिनमें बसें, पिकअप वैन और अन्य भारी वाहन शामिल हैं, उन्हें नया बाइपास-मीठापुर कॉरिडोर के रास्ते मोड़ दिया जाएगा।




भारी वाहनों पर प्रतिबंध और वैकल्पिक मार्ग
प्रशासन ने करबिगहिया क्षेत्र से आने वाले मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया है। इन वाहनों को मीठापुर नया बाइपास मार्ग का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जीपीओ क्षेत्र से चिरैयाटांड़ पुल की ओर जाने वाले भारी वाहनों को उस मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें मीठापुर नया बाइपास के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
मोइनुल हक स्टेडियम की ओर से आने वाली बसें और मालवाहक वाहन बहादुरपुर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की ओर नहीं जा पाएंगे। इन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग वैशाली गोलंबर, राजेंद्र नगर पुल और 90 फीट रोड तय किया गया है, जिससे वे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
परीक्षार्थियों और आम लोगों के लिए सलाह
ट्रैफिक पुलिस ने नीट परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे डायवर्जन और बढ़ी हुई ट्रैफिक आवाजाही के कारण होने वाली देरी से बचने के लिए अपने परीक्षा केंद्रों के लिए काफी पहले निकलें। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ट्रैफिक कर्मियों के साथ सहयोग करें और परीक्षा के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए संशोधित ट्रैफिक व्यवस्था का पालन करें।
इन ट्रैफिक बदलावों का उद्देश्य परीक्षा के दिन सभी के लिए सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। सहयोग से ही इस व्यवस्था को सफल बनाया जा सकता है।






