
Muzaffarpur Crime News: न्याय की राह में एक बार फिर अपराधियों ने बड़ा रोड़ा अटकाने की कोशिश की है। मुजफ्फरपुर में एक किसान को गवाही से ठीक पहले चार गोलियां मार दी गईं। यह वारदात मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव में शुक्रवार देर रात हुई, जब किसान अजीत राय अपने घर के दरवाजे पर सो रहे थे। गंभीर रूप से घायल अजीत राय को बैरिया स्थित मां जानकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों का आरोप है कि पांच साल पहले हुई उनके भाई की हत्या के मामले में अहम गवाही रोकने के लिए यह जानलेवा हमला किया गया है।
Muzaffarpur Firing: मुजफ्फरपुर के मुजफ्फरपुर में शुक्रवार की देर रात एक सनसनीखेज वारदात ने सबको चौंका दिया। मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव में दरवाजे पर सो रहे 40 वर्षीय किसान अजीत राय पर हथियारबंद बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल अजीत राय को तत्काल बैरिया स्थित मां जानकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।




घायल अजीत राय के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह हमला पांच साल पहले उनके भाई की हुई हत्या के मामले में गवाही रोकने के लिए किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
गवाही रोकने के लिए मारी गईं चार गोलियां: अजीत राय
घायल अजीत राय ने आपबीती सुनाते हुए बताया, “करीब पांच साल पहले जमीन विवाद में मेरे बड़े भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में मैं वादी और मुख्य गवाह हूं। कोर्ट में केस का ट्रायल चल रहा है और कुछ गवाहों की गवाही भी हो चुकी है। मेरी गवाही तीन दिन बाद होने वाली थी। इसी कारण आरोपियों ने मुझे निशाना बनाया और केस उठाने का दबाव बनाने के लिए गोली मार दी।”
अजीत राय के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 11 बजे वह अपने घर के बाहर सो रहे थे, तभी हथियारबंद बदमाश पहुंचे और उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। हमले में उन्हें चार गोलियां लगीं, जिनमें से एक गोली उनके हाथ में फंस गई, जिससे हड्डी टूटकर बाहर निकल आई। मां जानकी हॉस्पिटल के डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल ने बताया कि घायल को काफी ब्लीडिंग हुई है और ऑपरेशन कर गोली निकालने की प्रक्रिया चल रही है। उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
पत्नी ने पड़ोसियों पर लगाया आरोप, मांगी सुरक्षा
घायल अजीत राय की पत्नी रीमा देवी ने घटना के बाद पड़ोसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि जमीन विवाद को लेकर पड़ोसियों से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है।
रीमा देवी ने आरोप लगाया, “अभिषेक कुमार और बिट्टू कुमार समेत 10 से अधिक लोग हथियार लेकर पहुंचे और अजीत राय पर फायरिंग कर दी। जब मैंने विरोध किया तो आरोपियों ने मुझे भी गोली मारने की धमकी दी।”
अजीत राय ने बताया कि शुरुआती दो गोलियों का उन्हें एहसास नहीं हुआ। तीसरी गोली चलते ही वह जान बचाने के लिए घर की ओर भागने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने तीन और गोलियां चलाईं। एक गोली उनके हाथ में लगी, जबकि दूसरी गोली सीने को छूते हुए निकल गई। उन्होंने कहा कि अगर वह भाग नहीं पाते तो उनकी हत्या तय थी।
पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया, एफएसएल टीम मौके पर
सूचना मिलते ही मीनापुर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से दो खोखे बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। डीएसपी पूर्वी-1 अलय वत्स ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद को लेकर गोलीबारी की बात सामने आई है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी और पीड़ित पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस Muzaffarpur Firing की घटना ने इलाके में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
गवाही रोकने के लिए किसान पर ताबड़तोड़ फायरिंग
घायल अजीत राय ने बताया कि करीब पांच साल पहले जमीन विवाद के चलते उनके बड़े भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में वह खुद वादी और मुख्य गवाह हैं। कोर्ट में इस केस का ट्रायल चल रहा है और कुछ गवाहों की गवाही भी हो चुकी है। अजीत राय के मुताबिक, उनकी गवाही अगले तीन दिन बाद होने वाली थी। इसी वजह से आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाया और केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए गोली मार दी।
उनकी पत्नी रीमा देवी ने पड़ोसियों पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि जमीन विवाद को लेकर पड़ोसियों से पुरानी रंजिश चल रही है। रीमा देवी ने कहा कि अभिषेक कुमार और बिट्टू कुमार समेत 10 से अधिक लोग हथियार लेकर पहुंचे और अजीत राय पर फायरिंग शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन्हें भी गोली मारने की धमकी दी, जिसके बाद उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
‘घायल की काफी ब्लीडिंग हुई है। ऑपरेशन कर गोली निकालने की प्रक्रिया चल रही है और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।’ – डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल, मां जानकी हॉस्पिटल
चार गोलियां लगने से हाथ की हड्डी टूटी
अजीत राय पर हमला इतना अचानक और ताबड़तोड़ था कि उन्हें शुरुआती दो गोलियों का एहसास तक नहीं हुआ। तीसरी गोली लगने पर वह जान बचाने के लिए घर की ओर भागने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर तीन और गोलियां चला दीं। एक गोली उनके हाथ में लगी, जिससे हड्डी टूटकर बाहर निकल आई, जबकि दूसरी गोली सीने को छूते हुए निकल गई। अजीत राय का कहना है कि अगर वह वहां से भाग नहीं पाते, तो उनकी हत्या निश्चित थी। डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल ने बताया कि अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अजीत राय की हालत गंभीर है और गोली निकालने के लिए ऑपरेशन किया जा रहा है।
पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही मीनापुर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से पुलिस ने दो खाली खोखे बरामद किए हैं। डीएसपी पूर्वी-1 अलय वत्स ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद को लेकर गोलीबारी की बात सामने आई है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी और पीड़ित पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट।







