Bihar Cabinet: पटना, नालंदा, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर के 10 लाख किसानों के लिए सरकार ने खोला पिटारा, अब नहीं होगी पानी की किल्लत। बिहार सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ को हरी झंडी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ₹5000 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया गया है, जिसका सीधा लाभ राज्य के 10 लाख किसानों को मिलेगा। यह निर्णय बिहार के कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने की क्षमता रखता है।
सिंचाई संकट से मुक्ति, आय दोगुनी करने का लक्ष्य
इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ पानी की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत, जल संसाधन विभाग और कृषि विभाग मिलकर काम करेंगे ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि हर खेत तक पानी पहुँचे। सरकार ने अगले 2 साल के भीतर इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को जल्द से जल्द इसका फायदा मिल सके।






मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “किसानों को अब पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यह योजना उनकी आय दोगुनी करने में मील का पत्थर साबित होगी। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह फैसला इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।”
इन 5 जिलों के किसानों को मिलेगा सबसे पहले फायदा
मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना से शुरुआती चरण में बिहार के पाँच प्रमुख जिलों के किसानों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाएगा। इन जिलों में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- पटना
- नालंदा
- गया
- मुजफ्फरपुर
- भागलपुर
इन जिलों में योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल फसल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और किसानों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा। यह योजना बिहार के कृषि परिदृश्य को पूरी तरह से बदल सकती है।








