Muzaffarpur Accident: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मां की गोद से सड़क पर गिरे चार साल के मासूम आर्यन कुमार को एक बेकाबू वाहन ने रौंद दिया। यह दर्दनाक हादसा सदर अस्पताल रोड पर हुआ। मां अपने बेटे को लेकर इलाज के लिए एसकेएमसीएच जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही बेटे ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और हर कोई स्तब्ध है।
सुबह पूर्वी चंपारण के पिपरा थाना क्षेत्र के सिरसिया बलुआ टोला निवासी रंजू देवी (28) अपने बेटे आर्यन कुमार और भाई सरोज कुमार के साथ मुजफ्फरपुर पहुंची थीं। मुजफ्फरपुर स्टेशन पर उतरने के बाद तीनों ई-रिक्शा से सुबह करीब नौ बजे एसकेएमसीएच के लिए निकले। रंजू देवी बेटे को गोद में लेकर दाहिनी ओर बैठी थीं, जबकि उनके भाई चालक के साथ आगे बैठे थे।






मां के इलाज के लिए जा रहे थे SKMCH
आर्यन के मामा सरोज कुमार ने बताया कि रंजू देवी के सिर में काफी समय पहले गंभीर चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए वे एसकेएमसीएच जा रहे थे। सदर अस्पताल ट्रैफिक सिग्नल के पास ई-रिक्शा गुजर रहा था, तभी आर्यन कुमार अचानक मां की गोद से छिटककर सड़क पर गिर गया। रंजू देवी बेटे को बचाने के लिए नीचे उतरीं, लेकिन पलक झपकते ही पीछे से आ रहे एक अज्ञात चारपहिया वाहन ने मासूम आर्यन के सिर को रौंद दिया और तेजी से आगे निकल गया। इस हादसे में मां रंजू देवी को भी हल्की चोटें आई हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपी की तलाश
दुर्घटना के तुरंत बाद परिजन लहूलुहान आर्यन को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने बच्चे की मां रंजू देवी से घटना के संबंध में जानकारी ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया। नगर थानेदार जयप्रकाश सिंह ने बताया कि रंजू देवी का फर्दबयान दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा,
‘मामले में बच्चे की मां रंजू देवी का फर्दबयान लिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए यातायात थाने में फॉरवर्ड किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज से अज्ञात वाहन व चालक का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा।’
आर्यन था घर का सबसे छोटा चिराग
मामा सरोज कुमार ने बताया कि घटना के बाद कुछ दूर आगे स्थानीय लोगों ने चारपहिया वाहन को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन जब तक वे बच्चे को लेकर सदर अस्पताल गए, चालक वाहन सहित भाग निकला। वाहन में पांच लोग सवार थे। आर्यन के पिता श्रीलाल राय मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मृतक आर्यन कुमार दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई का नाम आशिक कुमार (9 साल) और बहन का नाम सुरुचि कुमारी (6 साल) है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ा जा सके।








