Bihar Vigilance: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम चंपारण में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। नरकटियागंज स्थित डुमरिया पंचायत के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी नल-जल योजना के बकाया भुगतान को लेकर की गई, जिसके एवज में पंचायत सचिव ने 28 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
रिश्वत लेते ही निगरानी टीम ने दबोचा
नरकटियागंज के डुमरिया और मलदहिया पंचायत के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद ने नल-जल योजना के तहत किए गए कार्यों के 78 हजार रुपये के लंबित भुगतान को जारी करने के लिए संवेदक से रिश्वत की मांग की थी। मलदहिया गांव के निवासी संवेदक परवेज कौशर ने इस संबंध में निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने एक ठोस योजना बनाई। 05 अगस्त को मलदहिया पोखरिया पंचायत के एक मदरसा में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान पंचायत सचिव ने जैसे ही रिश्वत की पहली किस्त के 15 हजार रुपये लिए, पहले से घात लगाए बैठी टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया।






बगहा का मूल निवासी, पटना ले जाकर होगी पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को लेकर उसके किराए के मकान पर भी गई, जहां कई महत्वपूर्ण कागजात इकट्ठा किए गए। इसके बाद, आरोपी से गहन पूछताछ के लिए उसे नरकटियागंज चीनी मिल के गेस्ट हाउस ले जाया गया। शंकर प्रसाद मूल रूप से बगहा के चौतरवा गांव का निवासी है। निगरानी डीएसपी कृपाल चंद जायसवाल ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि संवेदक की शिकायत पर पंचायत सचिव को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। रिश्वत में लिए गए 15 हजार रुपये भी मौके से बरामद कर लिए गए हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद निगरानी टीम पंचायत सचिव को पटना लेकर चली गई है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।








