Prashant Kishor Bankipur: बांकीपुर उपचुनाव में जीत के 24 घंटे के भीतर ही नव-निर्वाचित विधायक बिहार के प्रशांत किशोर को भाजपा की तीखी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आईटी सेल के संयोजक विकास मेहता ने बांकीपुर में कूड़े के ढेर को लेकर प्रशांत किशोर से सीधे सवाल किए हैं। मेहता ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिनों के भीतर कचरा साफ नहीं हुआ, तो इसे जन सुराज पार्टी के कार्यालय के बाहर फेंक दिया जाएगा।
भाजपा नेता विकास मेहता ने 4 अगस्त को अपने फेसबुक पोस्ट में कचरे की दो तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘2 दिन का समय है तुम्हारे पास, वरना जहां जन सुराज का ऑफिस था, उसी के अंदर कचरा फेकेगे। विधायक प्रशांत किशोर जी, ये कचरा कब उठेगा, जब बांकीपुर की जनता मर जाएगी तब। अब यह मत बोलना कि ये बिहार सरकार का काम है क्योंकि तुम्हारे लोगों ने (कहा) यह विधायक का काम है। तो आओ, मेरे घर का कचरा उठाओ, वरना ये सारा कचरा तुम्हारे ऑफिस के बाहर रखेंगे।’ यह बयान बांकीपुर में नव-निर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।






बांकीपुर में क्यों गरमाई ‘कचरा पॉलिटिक्स’?
बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था और मतगणना 3 अगस्त को हुई, जिसमें प्रशांत किशोर ने भाजपा कैंडिडेट नीरज सिन्हा को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से हराया। यह सीट 31 साल से भाजपा के कब्जे में थी और पूर्व विधायक नितिन नवीन की पारंपरिक सीट थी, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में 52 हजार से कुछ कम वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस उपचुनाव में भाजपा कैंडिडेट नीरज सिन्हा को 45 हजार से भी कम वोट मिले, जबकि प्रशांत किशोर ने 49 फीसदी से ज्यादा वोटों के साथ कुल 64,151 वोट हासिल कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इस हार से भाजपा को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि 100 में से 80 बूथों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, जिसमें राम कृपाल और रविशंकर के बूथ भी शामिल थे। पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू भी भाजपा से हैं और साफ-सफाई का काम नगर निगम के दायरे में आता है।
भाजपा की नाराजगी और प्रशांत किशोर की अगली रणनीति
भाजपा के लिए बांकीपुर की हार इसलिए भी सदमाजनक है क्योंकि यह पार्टी के गढ़ के रूप में जानी जाती थी। पिछले विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने 62 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर के साथ एकतरफा जीत हासिल की थी, जबकि इस उपचुनाव में भाजपा का वोट शेयर 34 प्रतिशत से कुछ ज्यादा ही रहा। जन सुराज पार्टी, जिसने पहले विधानसभा चुनाव और चार उपचुनाव लड़े थे, अब तक कोई सीट नहीं जीत पाई थी। प्रशांत किशोर इस पार्टी के पहले विधायक बने हैं। विधायक बनते ही प्रशांत किशोर भी एक्शन में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, वह 11 अगस्त से बांकीपुर के हर वार्ड में जाकर लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे।
‘2 दिन का समय है तुम्हारे पास, वरना जहां जन सुराज का ऑफिस था, उसी के अंदर कचरा फेकेगे। विधायक प्रशांत किशोर जी, ये कचरा कब उठेगा, जब बांकीपुर की जनता मर जाएगी तब। अब यह मत बोलना कि ये बिहार सरकार का काम है क्योंकि तुम्हारे लोगों ने (कहा) यह विधायक का काम है। तो आओ, मेरे घर का कचरा उठाओ, वरना ये सारा कचरा तुम्हारे ऑफिस के बाहर रखेंगे।’ – विकास मेहता, भाजपा आईटी सेल संयोजक
यह चुनौती प्रशांत किशोर के लिए उनके विधायक कार्यकाल की शुरुआत में ही एक अग्निपरीक्षा साबित हो सकती है। देखना होगा कि वह इस ‘कचरा पॉलिटिक्स’ का जवाब कैसे देते हैं और बांकीपुर की जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।








