Bihar Agriculture: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि अनुसंधान को सीधे खेत तक पहुंचाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने घोषणा की है कि किसान, महिला, युवा और श्रमिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘जनकल्याण संवाद अभियान’ की शुरुआत 20 अगस्त से की जाएगी। इस पहल से कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है।

मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (ICAR) की 97वीं वार्षिक आम बैठक आयोजित हुई। इसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय राज्य मंत्री और विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहाँ उन्होंने कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, बीज उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी जैसे बिहार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
बैठक के दौरान, कृषि मंत्री ने बिहार की विशिष्ट कृषि परिस्थितियों और किसानों की जरूरतों को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और इसकी समृद्ध कृषि क्षमता को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रसंस्करण और कृषि निर्यात से जोड़कर किसानों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में कम वर्षा के बावजूद 93 प्रतिशत से अधिक धान रोपणी का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
मखाना और जलवायु अनुकूल खेती पर विशेष जोर
विजय कुमार सिन्हा ने विशेष रूप से मखाना की उन्नत किस्मों के विकास, वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक, यंत्रीकरण, मूल्य संवर्धन और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए ICAR स्तर पर विशेष अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के विशिष्ट कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए अनुसंधान संस्थानों, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों की अत्यंत आवश्यकता है।
मंत्री ने बिहार में बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक चुनौतियों को देखते हुए जलवायु अनुकूल और कम अवधि वाली फसल किस्मों के विकास पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने डिजिटल कृषि की तकनीकों को छोटे एवं सीमांत किसानों तक पहुँचाने और युवाओं तथा महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता भी बताई।
अनुदान और सहकारिता से छोटे किसानों को मिलेगी ताकत
कृषि मंत्री ने कहा कि बीज उत्पादन और प्राकृतिक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने रसायन मुक्त फसल, सब्जी, फल, दलहन एवं तिलहन उत्पादन के लिए अनुदान, प्रशिक्षण, बाजार और किसानों को उचित मूल्य उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र एवं राज्यों के संयुक्त प्रयासों की जरूरत पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के सहयोग के बिना राज्यों में तकनीकी विकास का अनुकूल माहौल बनाना कठिन है। कृषि क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त कर चुके युवाओं को कृषि एवं कृषि उद्यमिता से संबंधित योजनाओं में प्राथमिकता देने के लिए केंद्रीय स्तर पर भी आवश्यक पहल की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार कृषि शिक्षा प्राप्त युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है। लघु एवं सीमांत किसानों को संगठित एवं सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करने पर भी मंत्री ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे छोटे किसानों को सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिलेगा और सामूहिक रूप से कृषि इनपुट प्राप्त करने, उत्पादन एवं विपणन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
20 अगस्त से ‘जनकल्याण संवाद अभियान’ का आगाज
श्री विजय कुमार सिन्हा ने ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का लाभ भी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने की आवश्यकता बताई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आजीविका और आधारभूत संरचना को मजबूती मिल सके। उन्होंने बताया कि बिहार में एक महत्वाकांक्षी अभियान, ‘किसान कृषि, महिला उद्यम, युवा रोजगार एवं श्रमिक उत्थान सह जनकल्याण संवाद अभियान’ की शुरुआत की जा रही है।
कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “कृषि अनुसंधान को खेत तक पहुँचाकर किसानों की आय बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। किसान, महिला, युवा और श्रमिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 20 अगस्त से ‘जनकल्याण संवाद अभियान’ शुरू होगा।”
इस अभियान का शुभारंभ 20 अगस्त को बामेती में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं श्रमिकों के कल्याण तथा कृषि क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसरों पर संवाद को आगे बढ़ाया जाएगा।
मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि कृषि अनुसंधान के परिणामों को सीधे खेत तक पहुँचाकर ही किसानों की उत्पादकता, आय एवं जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सकता है।
श्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा, “बिहार सरकार का लक्ष्य है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का लाभ अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुँचे तथा कृषि को उत्पादन से आगे बढ़ाकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, कृषि उद्यमिता एवं निर्यात से जोड़ा जाए। इससे विकसित भारत के साथ विकसित, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बिहार के निर्माण को गति मिलेगी।”








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