Bihar Sawan Somwari: सावन की चौथी और आखिरी सोमवारी पर बिहार के जाले प्रखंड में स्थित गंगेश्वरनाथ समेत विभिन्न शिवालयों में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। हालांकि, पर्यटन विभाग द्वारा गंगेश्वर स्थान पर प्रस्तावित हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कार्यक्रम अंतिम समय में स्थगित होने से श्रद्धालुओं में गहरी मायूसी देखी गई। तेज धूप के बावजूद अहले सुबह से ही मंदिरों में आस्थावानों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी।
दूर-दराज से आए कई श्रद्धालु पुष्प वर्षा का साक्षी बनने की उम्मीद में गंगेश्वर स्थान पहुंचे थे। लेकिन, जिला प्रशासन से कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिलते ही उनकी उम्मीदें टूट गईं और वे धीरे-धीरे अपने घरों को लौटने लगे। यह घटना उस समय हुई जब एसडीपीओ सदर-टू शुभेन्द्र कुमार सुमन, सीओ मधुमिता कुमारी, आरओ प्रवीण कुमार कर्ण और न्यास समिति के सदस्य आयुर्वेदिक औषधालय भवन में बने न्यास कार्यालय में पुष्प वर्षा, अन्य कार्यक्रमों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक कर रहे थे। सूचना मिलते ही अधिकारी मंदिर परिसर से निकल गए।
जाले में आखिरी सोमवारी पर बड़ा झटका: हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा रद्द, हजारों श्रद्धालु मायूस!
Bihar Sawan Somwari: सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर दरभंगा के जाले प्रखंड स्थित प्रसिद्ध गंगेश्वरनाथ मंदिर में हेलिकॉप्टर से होने वाली पुष्प वर्षा अचानक रद्द कर दी गई। जिला प्रशासन के इस फैसले से दूर-दराज से पहुंचे हजारों शिवभक्तों में गहरी मायूसी छा गई। श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद निराश होकर अपने घरों को लौटने लगे।
जाले के गंगेश्वरनाथ समेत विभिन्न शिवालयों में सोमवार अहले सुबह से ही शिवभक्तों का तांता लगा था। तीखी धूप के बावजूद मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी। पर्यटन विभाग की ओर से गंगेश्वर स्थान में हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसी उम्मीद में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे, लेकिन अंतिम समय में जिला स्तर से कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिली। यह खबर मिलते ही कई श्रद्धालु मायूस होकर धीरे-धीरे लौटने लगे।
अधिकारियों की बैठक के बीच आया रद्द होने का फरमान
गंगेश्वर स्थान परिसर के आयुर्वेदिक औषधालय भवन में बने न्यास कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। एसडीपीओ सदर-टू शुभेन्द्र कुमार सुमन, सीओ मधुमिता कुमारी और आरओ प्रवीण कुमार कर्ण समेत न्यास के सदस्य पुष्प वर्षा, अन्य कार्यक्रमों और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान जिला मुख्यालय से पुष्प वर्षा कार्यक्रम स्थगित किए जाने की सूचना पहुंची। इसके बाद सभी अधिकारी मंदिर परिसर से निकल गए। व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी न्यास समिति के सदस्यों पर आ गई, जिन्हें होमगार्ड और पुलिस बल का सहयोग मिला।
जयकारों से गूंजते रहे शिवालय, अटूट दिखी आस्था
पुष्प वर्षा रद्द होने के बावजूद शिवभक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। दंड प्रणाम करने वाले श्रद्धालु 20 अगस्त की देर रात और जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालु 23 अगस्त की देर रात ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत स्थित गौतमाश्रम पहुंचे थे। वे सप्तकुंड से पवित्र जल लेकर अहले सुबह ही मंदिरों की ओर निकले। सोमवार अहले सुबह रतनपुर के गंगेश्वरनाथ, मनमा के मानेश्वरनाथ, विस्फी के भैरवा महादेव और सिंहवाड़ा के बटेश्वरनाथ जैसे विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया गया। पूरा इलाका कांवरियों के ‘हर-हर बम-बम’, ‘बोलबम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से भक्तिमय रहा। मुख्य सड़कों पर कांवरियों की भीड़ के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही।
गंगेश्वरनाथ मंदिर में अहले सुबह करीब तीन बजे कुबेर पंडा ने विधि-विधान से आरती की, जिसके बाद जलाभिषेक के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। न्यास समिति और पुलिस प्रशासन की देखरेख में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा का जलाभिषेक किया। अंतिम सोमवारी और प्रस्तावित पुष्प वर्षा को देखते हुए मंदिर परिसर में पूजा सामग्री, खिलौने, मिठाई-नाश्ता समेत विभिन्न सामानों की दुकानें भी सजी थीं।
सावन की चौथी व आखिरी सोमवारी पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। तीखी धूप के बावजूद अहले सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गंगेश्वर स्थान में पर्यटन विभाग की ओर से प्रस्तावित हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा को लेकर दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। हालांकि, जिला स्तर से कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिलने के बाद श्रद्धालुओं में मायूसी छा गयी और वे धीरे-धीरे घर लौटने लगे।
इस अप्रत्याशित स्थगन के बावजूद, श्रद्धालुओं ने अपनी भक्ति और श्रद्धा का प्रदर्शन जारी रखा, जो बिहार में सावन के महीने की गहरी धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।
पुष्प वर्षा रद्द होने से निराशा, पर आस्था अविचल
अधिकारियों के जाने के बाद व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी न्यास समिति के सदस्यों पर आ गई। उनकी सहायता के लिए होमगार्ड और पुलिस बल को तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं ने 20 अगस्त की देर रात दंड प्रणाम यात्रा शुरू की थी, जबकि जलाभिषेक करने वाले कांवरिया 23 अगस्त की देर रात ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत स्थित गौतमाश्रम पहुंचे थे। सप्तकुंड से पवित्र जल लेकर ये शिवभक्त सोमवार अहले सुबह रतनपुर के गंगेश्वरनाथ, मनमा के मानेश्वरनाथ, विस्फी के भैरवा महादेव और सिंहवाड़ा के बटेश्वरनाथ जैसे प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक करने पहुंचे।
‘हर-हर बम-बम’, ‘बोलबम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय बना रहा। मुख्य सड़कों पर कांवरियों की भीड़ के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई थी।
गंगेश्वरनाथ मंदिर में कुबेर पंडा ने की आरती
गंगेश्वरनाथ मंदिर में अहले सुबह करीब तीन बजे कुबेर पंडा ने विधि-विधान से आरती की। इसके तुरंत बाद, जलाभिषेक के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। न्यास समिति और पुलिस प्रशासन की देखरेख में, हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक बाबा का जलाभिषेक किया। अंतिम सोमवारी और प्रस्तावित पुष्प वर्षा को देखते हुए मंदिर परिसर में पूजा सामग्री, खिलौने, मिठाई-नाश्ता सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें भी सज चुकी थीं, जो भक्तों की सुविधा के लिए उपलब्ध थीं।
पुष्प वर्षा का कार्यक्रम रद्द होने के बावजूद, जाले क्षेत्र के शिवभक्तों की श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कीं। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि भक्तों की आस्था किसी भी बाधा से बड़ी होती है।








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