Bihar Flood: बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। इसी बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त 2026, सोमवार को बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवगछिया-राघोपुर दियारा, कोसी-गंगा संगम क्षेत्र, बेगूसराय और बख्तियारपुर समेत कई इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलस्तर, निचले क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति और राहत-बचाव की तैयारियों के बारे में जानकारी जुटाई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने खास तौर पर दियारा और निचले इलाकों की स्थिति का आकलन किया, जहां पानी बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन को ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने को कहा गया है।
फरक्का बराज के गेट खुलने से राहत
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री भागलपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पानी का दबाव तेजी से कम हो रहा है, जिससे आने वाले समय में स्थिति में सुधार की उम्मीद है। बैठक में फरक्का बराज से जुड़े घटनाक्रम की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं, जिससे गंगा नदी में पानी का बहाव सुगम हो गया है और बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ है।
अधिकारियों को सीएम के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सहायता पहुंचाई जाए और राहत तथा बचाव अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने और जलस्तर में बदलाव की जानकारी लगातार जुटाने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय और खगड़िया जैसे बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने क्षतिग्रस्त संरचनाओं की जल्द मरम्मत कराने पर भी जोर दिया और कहा कि जोखिम वाले इलाकों में निगरानी जारी रहनी चाहिए।
बाढ़ की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाली आबादी की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में प्रशासन की तैयारी और समय पर सूचना का आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के इस हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा बैठक का उद्देश्य इन्हीं चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करना और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।








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