UP Election 2027: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी ने पश्चिमी यूपी से अपनी बड़ी रणनीति का खुलासा किया है। 30 अगस्त को मेरठ के खंडोली गांव में एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के यूपी प्रभारी श्रवण कुमार शामिल हुए।
इस बैठक में श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जैसे ही हरी झंडी देगा, जदयू उत्तर प्रदेश की विभिन्न विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन, शराबबंदी और जनहितैषी फैसलों को एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करके पार्टी यूपी के मतदाताओं के बीच जाएगी। जदयू के इस ऐलान ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को गरमा दिया है।
जदयू की यूपी में रणनीति और संगठन विस्तार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संगठन का विस्तार करने और चुनावी जमीन तैयार करने का यह संदेश बेहद सीधा है। मेरठ में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने उन्हें पूरी ताकत के साथ जमीनी स्तर पर जुटने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाध्यक्षों को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
श्रवण कुमार ने बिहार में लागू सामाजिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि विकास की यह सोच उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सकारात्मक असर दिखाएगी। संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने भी एक विस्तृत योजना तैयार कर ली है, जिसका क्रियान्वयन जल्द शुरू होगा।
“शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी मिलते ही जदयू यूपी की विभिन्न विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन, शराबबंदी और जनहितैषी फैसलों को मॉडल बनाकर पार्टी यूपी के मतदाताओं के बीच जाएगी।”
‘एक बूथ-10 यूथ’ अभियान से मजबूत होगी जमीन
यूपी जदयू के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल ने इस दौरान ‘एक बूथ-10 यूथ’ अभियान की घोषणा की। इस अभियान के तहत प्रत्येक बूथ पर दस ऊर्जावान युवाओं की एक टीम तैनात की जाएगी। यह जमीनी स्तर की टीम आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के वोट बैंक को सहेजने और बढ़ाने का काम करेगी।
मेरठ के जिलाध्यक्ष चौधरी रियाजुद्दीन ने भी विश्वास दिलाया कि वे जिले के हर बूथ तक जदयू का झंडा फहराने में सफल रहेंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि वह 2027 यूपी चुनाव में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरे और बिहार मॉडल की सफलता को उत्तर प्रदेश में भी दोहराए।
जदयू का यह कदम राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि यह बिहार की क्षेत्रीय पार्टी की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को भी दर्शाता है। आगामी दिनों में पार्टी की तैयारियों और अन्य दलों की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।







