Indian Railways Train Safety: भारतीय रेलवे ने वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड ने इन उच्च गति और प्रतिष्ठित ट्रेनों के संचालन में मालगाड़ी चलाने वाले लोको पायलटों (गुड्स एलपी) की तैनाती पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब इन ट्रेनों को केवल वे लोको पायलट ही चला सकेंगे, जिनके पास निर्धारित ग्रेड और पर्याप्त अनुभव होगा।
प्रीमियम ट्रेनों के लिए नए एसओपी जारी
रेलवे बोर्ड के निदेशक विद्युत अभियंत्रिकी (चल स्टॉक), विकास आनंद ने सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को नए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलटों को नियमित रूप से तैनात नहीं किया जाएगा। आपातकालीन स्थितियों के लिए भी ‘ए ग्रेड’ गुड्स लोको पायलटों का एक अलग पैनल तैयार किया जाएगा। इस पैनल में शामिल प्रत्येक पायलट की अनिवार्य सुरक्षा स्क्रीनिंग की जाएगी। बिना सुरक्षा स्क्रीनिंग के किसी भी गुड्स एलपी को मेल-एक्सप्रेस लिंक में भी शामिल नहीं किया जाएगा।

सुरक्षा जोखिमों के कारण लिया गया फैसला
हाल के दिनों में रेलवे बोर्ड को कुछ मेल-एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलटों की तैनाती की शिकायतें मिली थीं। प्रीमियम ट्रेनें 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं, जबकि मालगाड़ियां भारी, लंबी और अपेक्षाकृत धीमी गति से चलती हैं। इन दोनों प्रकार की ट्रेनों के संचालन में सिग्नल सिस्टम, ट्रैक्शन ज्ञान, स्टेशन अप्रोच, ब्रेकिंग पैटर्न और यात्री सुरक्षा का स्तर काफी भिन्न होता है। अनुभव और ग्रेड में इस अंतर के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने यह कदम उठाया है।
प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलटों की तैनाती पर स्पष्ट रोक लगाई गई है। अब केवल निर्धारित ग्रेड और पर्याप्त अनुभव वाले लोको पायलट ही इन ट्रेनों का संचालन करेंगे, जिससे यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।
लोको पायलट चयन के नए मापदंड
अब मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए भी लोको पायलट का चयन वरिष्ठता (सीनियरिटी), सुरक्षा रिकॉर्ड और ट्रैक्शन संबंधी ज्ञान के आधार पर किया जाएगा। सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया गया है कि वे क्रू लॉबी में इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इस फैसले से लाखों यात्रियों की यात्रा और भी सुरक्षित हो सकेगी, और प्रीमियम ट्रेनों के संचालन में उच्च गुणवत्ता वाले मानकों का पालन होगा।





