Muzaffarpur Police: बिहार के मुजफ्फरपुर में न्यायालय ने पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। एक पुराने डकैती की साजिश से जुड़े मामले में गवाही देने के लिए अदालत में उपस्थित नहीं होने पर एडीजे-11 की अदालत ने 4 दारोगा समेत 11 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद से पूरे Muzaffarpur Police महकमे में हड़कंप मच गया है। अदालत ने सभी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी करते हुए 28 अक्टूबर तक गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया है।
एडीजे-11 की अदालत से जारी सभी पुलिसकर्मियों के गैर जमानतीय वारंट को सरैया थानेदार और एसएसपी कार्यालय को भेज दिया गया है। यह घटना पुलिस विभाग में जवाबदेही और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आखिर क्या है पूरा मामला, क्यों हुई इतनी सख्त कार्रवाई?
यह मामला सरैया थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस टीम ने 17 सितंबर 2018 की रात करीब साढ़े नौ बजे मनिकपुर स्थित भगत सिंह उच्च विद्यालय के मैदान में छापेमारी की थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी हथियारों के साथ डकैती की साजिश रच रहे हैं। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने राहुल कुमार यादव उर्फ क्रांति यादव, मोहम्मद अंजार और मुकेश कुमार राम को मौके से गिरफ्तार किया था। हालांकि, अनिल कुमार, गुड्डू सहनी और राजेश राय पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। इस मामले में कुल छह लोगों को आरोपित बनाया गया था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों के पास से लोडेड देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए थे। इस संबंध में सरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सभी गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में फिलहाल न्यायालय में ट्रायल चल रहा है। छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों को ही आरोपितों के खिलाफ गवाही देनी थी और जब्त हथियार को न्यायालय में साक्ष्य के तौर पर पेश करना था। आरोप है कि कई तारीखों से ये पुलिसकर्मी न तो गवाही देने के लिए अदालत में उपस्थित हो रहे थे और न ही आवश्यक साक्ष्य पेश कर रहे थे।
किन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, कब तक पेश होने का आदेश?
न्यायालय ने इस मामले में पहले भी कई बार नरमी बरती थी, लेकिन पुलिसकर्मियों की लगातार गैर-हाजिरी के बाद सख्त कदम उठाया गया। सबसे पहले 8 मई 2025 को संबंधित पुलिसकर्मियों को गवाही के लिए समन जारी किया गया था। इसके बावजूद जब वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए तो 20 अगस्त 2026 को जमानतीय वारंट जारी किया गया। जमानतीय वारंट जारी होने के बाद भी पुलिसकर्मियों के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर बीते गुरुवार को एडीजे-11 ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर गिरफ्तारी का आदेश दिया।
अदालत ने जिन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है, उनमें सरैया थाने में तैनात दारोगा मोहम्मद अलाउद्दीन, दारोगा शत्रुघ्न सहनी, दारोगा योगेंद्र कुमार सिंह और आईओ अनिल कुमार शामिल हैं। इनके अलावा बीएमपी के हवलदार संजय शर्मा, सिपाही अभय कुमार सिंह, सिपाही अजहर खान, सिपाही राहुल कुमार और परिचारी चालक राधाकांत प्रसाद समेत कुल 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है। अदालत ने एसएसपी कार्यालय को स्पष्ट निर्देश दिया है कि तय समय सीमा यानी 28 अक्टूबर तक सभी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। इस आदेश के बाद Muzaffarpur Police विभाग में हलचल तेज हो गई है।








