Banka Marigold Cultivation: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि विभाग ने बांका जिले में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक खास योजना शुरू की है। इस पहल से किसानों को न केवल फूल उत्पादन में मदद मिलेगी, बल्कि उनके लिए आय के नए रास्ते भी खुलेंगे। योजना के तहत गेंदा फूल उगाने वाले किसानों को 50 प्रतिशत तक का भारी अनुदान मिलेगा।
गेंदा फूल की खेती के लिए 25 हेक्टेयर के क्लस्टर
योजना का मुख्य लक्ष्य बांका जिले में गेंदा फूल उत्पादन के लिए एक संगठित क्लस्टर तैयार करना है। प्रत्येक क्लस्टर में 25 हेक्टेयर भूमि शामिल होगी और इसमें कम से कम 15 किसान मिलकर खेती करेंगे। यह क्लस्टर एक पंचायत या आसपास की पंचायतों में बनाया जाएगा। किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम दो हेक्टेयर तक के रकबे में गेंदा फूल की खेती करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

गेंदा फूल उत्पादन की इकाई लागत 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। इस पर किसानों को 50 प्रतिशत, यानी अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक का अनुदान मिलेगा। इस घटक के लिए बांका जिले में कुल 10 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है।
प्राथमिक मूल्य संवर्धन पर 75% अनुदान, जीविका समूह को प्राथमिकता
इस योजना में फूलों के प्राथमिक मूल्य संवर्धन के लिए ‘शुष्क पुष्प आधारित मॉडल-ए इकाई’ की स्थापना का भी प्रावधान है। पांच लाख रुपये की इकाई लागत वाली इस यूनिट पर 75 प्रतिशत, यानी अधिकतम 3.75 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इस इकाई में सोलर ड्रायर, मिनी ग्राइंडर, छलनी, मिक्सर और पैकिंग किट जैसे आवश्यक उपकरण उपलब्ध होंगे। इसकी फूल सुखाने की क्षमता प्रतिदिन 70 से 100 किलोग्राम होगी।
जिले में ऐसी एक प्राथमिक मूल्य संवर्धन इकाई स्थापित करने का लक्ष्य है। इस इकाई के लिए जीविका समूह को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि जीविका समूह उपलब्ध नहीं होता है, तो क्लस्टर में गेंदा फूल की खेती करने वाले किसानों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
ऐसे करें आवेदन और सीधे खाते में पाएं अनुदान राशि
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ‘बिहार कृषि एप’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यदि लक्ष्य से अधिक आवेदन आते हैं, तो योग्य किसानों का चयन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। पौधरोपण के बाद, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी और जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इस सत्यापन के आधार पर, अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। गेंदा की पौध मॉडल फ्लोरीकल्चर सेंटर, भागनबिगहा, विभागीय प्लग टाइप नर्सरी या चयनित एजेंसी से उपलब्ध कराई जाएगी। कृषि विभाग की यह पहल बांका में गेंदा फूल की संगठित खेती को बढ़ावा देने और किसानों को फूल उत्पादन के साथ-साथ प्राथमिक मूल्य संवर्धन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

