Bihar Pesticide Incident: बिहार के जाले नगर परिषद क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। मात्र 12 साल के किशोर अंकित कुमार ने सब्जी के खेत में जाने से मना करने पर घर में रखा कीटनाशक पी लिया। तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों में अफरातफरी मच गई और उसे आनन-फानन में जाले सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली।
खतरे से बाहर है 12 वर्षीय अंकित
वार्ड पांच निवासी मंजीत महतो के बेटे अंकित कुमार ने शुक्रवार को यह घातक कदम उठाया। कीटनाशक पीने के बाद उसकी तबीयत तेजी से खराब होने लगी। घबराए परिजन उसे तत्काल जाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. नीतीश भारद्वाज ने बिना समय गंवाए उसका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और उपचार के बाद अब अंकित खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
क्यों उठाया किशोर ने इतना बड़ा कदम?
अंकित के पिता मंजीत महतो ने बताया कि वे साग-सब्जी की खेती करते हैं। करीब 10 दिन पहले उन्होंने सब्जी के पौधों को कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए कीटनाशक खरीदा था। आधा दवा का उपयोग करने के बाद शेष कीटनाशक घर में ही रखा हुआ था। शुक्रवार को अंकित को खेत में जाने से मना किया गया था, क्योंकि वहां कीटनाशक का छिड़काव हुआ था। इसी बात से नाराज होकर अंकित ने घर में रखा एक-दो ढक्कन कीटनाशक पी लिया। घटना के तुरंत बाद परिजनों की सूझबूझ और सीएचसी पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया।
यह घटना बच्चों की भावनात्मक संवेदनशीलता और घर में खतरनाक रसायनों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। डॉक्टरों की टीम ने समय पर इलाज कर अंकित को नई जिंदगी दी है।








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