Bihar BBOSE Result: बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (BBOSE) की मैट्रिक परीक्षा में इस बार महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ते हुए शानदार सफलता हासिल की है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस उत्कृष्ट परिणाम पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने इसे समाज के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत बताया, जहां मुक्त शिक्षा व्यवस्था महिलाओं की भागीदारी बढ़ा रही है।
जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस सत्र में BBOSE 10वीं की परीक्षा में कुल 13,923 शिक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 6,177 अभ्यर्थियों को सफलता मिली, जिससे कुल पास प्रतिशत लगभग 48 फीसदी दर्ज किया गया। सफल होने वाले कुल 6,177 विद्यार्थियों में से 3,872 महिलाएं हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 2,303 रही। यह साफ दर्शाता है कि उत्तीर्ण होने वालों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी ज्यादा है।
ओपन स्कूलिंग बनी महिलाओं की ताकत
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि पिछले सत्रों की तुलना में इस बार नामांकन और परीक्षा में उपस्थिति दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि विद्यार्थी ओपन स्कूलिंग की लचीली व्यवस्था को तेजी से अपना रहे हैं। पारिवारिक या सामाजिक बाधाओं के कारण नियमित शिक्षा बीच में छोड़ने वाली छात्राओं के लिए यह मंच दोबारा पढ़ाई शुरू करने का एक मजबूत आधार प्रदान कर रहा है।
वैशाली की गुड़िया कुमारी बनीं टॉपर
इस परीक्षा में वैशाली जिले की गुड़िया कुमारी ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कुल 500 अंकों में से 450 अंक हासिल किए। शिक्षा मंत्री ने गुड़िया की इस उपलब्धि को अत्यंत प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा जारी रखने वाली हर बेटी के लिए यह सफलता एक मिसाल है।
BBOSE के इन परिणामों से यह स्पष्ट है कि बिहार में मुक्त शिक्षा प्रणाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह सफलता राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में और अधिक छात्राओं को प्रेरित करेगी।







