Darbhanga Crime News: प्रभास रंजन दरभंगा। दरभंगा में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली मोड़ से लोहिया चौक पहुंची एक महिला का पर्स ई-रिक्शा से उतरते ही उड़ा लिया गया। इस घटना में महिला के सोने के जेवरात और नकदी गायब हो गए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना लहेरियासराय थाना क्षेत्र में हुई है, जहां पॉकेटमारी और ठगी की घटनाएं ‘सेफ जोन’ बन चुकी हैं। पर्स में से रुपया और जेवरात निकाल लिया। लोहिया चौक पर दवा खरीदने के बाद फल खरीदने गई तो जेवर और पैसा गायब था।
दरभंगा में बेखौफ घूम रहे अपराधी! महिला के पर्स से लाखों का सामान पार, क्या कर रही है पुलिस?
Darbhanga Crime News: बिहार के दरभंगा जिले में आपराधिक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक से सामने आया है, जहां एक महिला के पर्स से सोने के जेवरात और नकदी चोरी हो गई। यह घटना 10 अक्टूबर 2026 को घटी, लेकिन पुलिस ने 14 अक्टूबर को इस संबंध में केस दर्ज किया है। इस वारदात ने इलाके में बढ़ती पॉकेटमारी और ठगी की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है, साथ ही पुलिस की गश्ती पर भी सवाल उठ रहे हैं।
दिनदहाड़े लोहिया चौक पर वारदात
चंदन पट्टी गांव, एपीएम थाना क्षेत्र की रहने वाली तरनुम परवीन अपने निजी काम से दिल्ली मोड़ गई थीं। काम खत्म होने के बाद वह वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान, लोहिया चौक पर उन्हें कुछ दवाइयाँ और फल खरीदने थे, जिसके लिए वह ई-रिक्शा से उतरीं। दवा खरीदने के बाद जब वह फल की दुकान पर भुगतान करने के लिए अपने पर्स में हाथ डाला, तो उन्हें जेवरात और नकदी गायब मिली। तरनुम परवीन के अनुसार, दिल्ली मोड़ से लोहिया चौक आते वक्त ई-रिक्शा में ही किसी पॉकेटमार ने उनके पर्स से कीमती सामान निकाल लिया था।
तरनुम परवीन ने अपने आवेदन में बताया, ‘मैं चंदन पट्टी गांव से दिल्ली मोड़ व्यक्तिगत कार्य से गई थी। कार्य होने के बाद फिर वापस घर जाने के दौरान कुछ दवा और फल खरीदने के लिए लोहिया चौक उतरी थी। उतरने के समय मेरे पास पर्स में जेवरात और रुपया था। दवा खरीदने के बाद फल खरीदने गई, उस वक्त मेरे पर्स में जेवरात और रुपया नहीं था।’
पुलिस की गश्ती पर सवाल, शिकायत दर्ज
घटना के बाद महिला कुछ देर तक रोती-बिलखती रहीं, उन्होंने ई-रिक्शा वाले को भी खोजने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह जा चुका था। तरनुम परवीन का अनुमान है कि ई-रिक्शा में बैठे किसी व्यक्ति ने ही उनके पर्स से जेवरात और नकदी निकाली है। इस मामले को लेकर लहेरियासराय थाना में कांड संख्या 623/26 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस केस की अनुसंधानक प्रशिक्षु अवर पुलिस निरीक्षक नैनसी राज को बनाया गया है। पीड़ित महिला को उम्मीद है कि नई दरोगा इस मामले में सफलता हासिल कर लेंगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लहेरियासराय थाना क्षेत्र पॉकेटमारों और ठगी करने वालों के लिए ‘सेफ जोन’ बन गया है। आए दिन पॉकेटमारी और पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को चूना लगाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन पुलिस को अब तक कई मामलों में कोई खास सफलता नहीं मिली है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर पुलिस गश्ती द्वारा ‘रोको-टोको’ अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा है? यदि ऐसा होता, तो शायद महिला समेत वृद्ध व्यक्तियों के जेवरात और नकदी गायब नहीं होते।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
इस गंभीर मामले पर लहेरियासराय थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जगह-जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस वारदात को अंजाम देने वाले उचक्के को पकड़ लिया जाएगा। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इस मामले को सुलझा पाती है और क्या क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लग पाती है।
ई-रिक्शा में ही हुई वारदात, महिला को नहीं लगा पता
चंदन पट्टी गांव की निवासी तरनुम परवीन अपने निजी काम से दिल्ली मोड़ गई थीं। काम खत्म होने के बाद वह वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान कुछ दवा और फल खरीदने के लिए वह लोहिया चौक पर उतरीं। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा से उतरने के बाद जब उन्होंने लोहिया चौक स्थित एक दवा दुकान से दवा खरीदी और फिर फल खरीदने के लिए फल दुकान पर गईं, तब पैसे देने के लिए पर्स में हाथ डाला। उस समय उन्हें पता चला कि पर्स से नकदी और जेवरात गायब हैं। महिला का अनुमान है कि ई-रिक्शा में बैठे किसी व्यक्ति ने ही उनके पर्स से जेवरात और पैसे निकाले हैं।
महिला कुछ देर तक रोती-बिलखती रही। उन्होंने ई-रिक्शा चालक को भी खोजने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह जा चुका था।
पुलिस पर सवाल, ‘सेफ जोन’ बन गया लहेरियासराय थाना क्षेत्र?
यह घटना 10 अक्टूबर 2026 को हुई थी, लेकिन मामला 14 अक्टूबर 2026 को थाने में दर्ज किया गया है। एपीएम थाना क्षेत्र के चंदन पट्टी गांव के अफक आलम की पत्नी तरनुम परवीन ने अपने आवेदन में पूरी घटना की जानकारी दी है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस गश्ती को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि पॉकेटमारों और ठगों के लिए लहेरियासराय थाना क्षेत्र एक ‘सुरक्षित ठिकाना’ बन गया है। पुलिस अब तक कई मामलों में कोई सफलता हासिल नहीं कर पाई है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, नई दरोगा से उम्मीद
इस मामले में लहेरियासराय थाने में कांड संख्या 623/26 दर्ज किया गया है। प्रशिक्षु अवर पुलिस निरीक्षक नैनसी राज को अनुसंधानक बनाया गया है। पीड़ित महिला तरनुम परवीन ने उम्मीद जताई है कि नई दरोगा होने के कारण नैनसी राज इस मामले में सफलता हासिल कर सकती हैं। थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने बताया कि पुलिस टीम जगह-जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उचक्के को पकड़ लिया जाएगा। हालांकि, नागरिकों का कहना है कि अगर पुलिस गश्ती ‘रोको-टोको’ अभियान चलाती, तो शायद ऐसी घटनाएं कम होतीं।






