Bihar AI Policy: बिहार की उच्च शिक्षा में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दौर शुरू होने वाला है। बिहार सरकार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में जल्द ही एक व्यापक AI नीति लागू करने की तैयारी में है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के हर पहलू को आधुनिक बनाना है, जिसमें मूल्यांकन, शिक्षण और प्रशासनिक कार्य शामिल हैं। यह नीति छात्रों और शिक्षकों के लिए शिक्षा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी।
इस प्रस्तावित कार्ययोजना पर सरकार के स्तर पर सहमति बन चुकी है, और इसे मूर्तरूप देने के लिए नीति निर्धारण का कार्य भी शुरू हो गया है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
उच्च शिक्षा में AI के व्यापक उपयोग की तैयारी
नई AI नीति के दायरे में प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थान आएंगे। इसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर वर्चुअल लैब और चैटबॉट के उपयोग तक, AI की व्यापक भूमिका होगी। पढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा।
यह नीति सिर्फ शिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पाठ्यक्रम निर्माण और कौशल विकास में भी AI का सहारा लिया जाएगा। शिक्षकों के शिक्षण कार्य, छात्र-छात्राओं की पढ़ाई, नवाचार, शोध, परीक्षा, लेखा और प्रशासनिक कामकाज को और अधिक बेहतर बनाने के लिए AI के इस्तेमाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दूरदर्शी कदम
‘निकट भविष्य में उच्च शिक्षा में AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्वविद्यालयों में AI का प्रभावी क्रियान्वयन और नियंत्रण को लेकर पॉलिसी का प्रारुप बनाने की जिम्मेदारी दो विभागों को सौंपी है।’
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में AI के बढ़ते महत्व को पहचानते हुए, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दिशा में एक दूरदर्शी कदम उठाया है। उन्होंने AI के प्रभावी क्रियान्वयन और नियंत्रण के लिए पॉलिसी का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी दो विभागों को सौंपी है। यह कदम बिहार को आधुनिक शिक्षा के पथ पर अग्रसर करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने और अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
इस नीति के लागू होने के बाद बिहार के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होंगे, जिससे राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।







