Tiger Shroff shooters: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने वाले तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाने में मुंबई पुलिस ने एक बेहद गोपनीय और सुरक्षित ऑपरेशन चलाया। आरोपियों को नेपाल भागने से ठीक पहले गिरफ्तार किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में, पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर काफिले का रास्ता कम से कम तीन बार बदला, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
टाइगर श्रॉफ के ऊपर हुई फायरिंग में उन तीन शूटरों के अलावा दिल्ली से 4 और लोगों की गिरफ्तारी की गई है जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं। हैरानी की बात ये है कि इसमें दो लड़कियां भी शामिल हैं जो उन तीन शूटरों को हथियार सप्लाई करने के लिए मुंबई गई हुई थीं जिनकी उम्र 22-23 साल है। अब जेंडर बॉयस्ड कुछ भी नहीं रह गया है हर जगह पर बराबर की भागीदारी नजर आ रही है।
मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना के एक दिन बाद, सोमवार सुबह इन तीनों संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया गया था। पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से ये आरोपी भागने की फिराक में थे। कोटा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इन्हें गिरफ्तार किया और फिर औपचारिक रूप से मुंबई पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद, मुंबई पुलिस की टीम इन आरोपियों को लेकर मुंबई के लिए रवाना हुई।
पुलिस का सुरक्षा घेरा: क्यों बदला गया रास्ता?
आरोपियों को कोटा से मुंबई लाने का सफर बेहद संवेदनशील था। मुंबई पुलिस ने इसे ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ का नाम दिया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों की पहचान और सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया। रास्ते में किसी भी तरह की बाधा या हमले की आशंका को खत्म करने के लिए काफिले ने योजनाबद्ध तरीके से तीन अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल किया। यह रणनीति सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई थी कि आरोपी सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचें और कानून के शिकंजे से बच न पाएं।
‘आरोपियों को सुरक्षित मुंबई लाने के लिए हमने हर संभव सुरक्षा उपाय किए। रास्ते में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हमारी टीम पूरी तरह तैयार थी और इसी के तहत काफिले का रूट तीन बार बदला गया।’
नेपाल भागने की थी योजना
जांच में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी के बाद तीनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। वे कोटा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर आगे बढ़ने की योजना बना रहे थे। हालांकि, मुंबई पुलिस और कोटा पुलिस के समन्वय से उनकी यह साजिश नाकाम हो गई। उनकी गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे उन्हें देश से बाहर भागने से रोका जा सका। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित लिंक खंगाल रही है।








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