Bihar MLC Election: बिहार में आगामी बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और एमएलसी संजय गांधी ने गुरुवार को एमएलसी नीरज कुमार से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। हार्ट संबंधी परेशानी से ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज होने के ठीक बाद हुई इस बंद कमरे की मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक चली इस बातचीत को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, नीरज कुमार से मिलने से पहले उमेश कुशवाहा और संजय गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी। नीरज कुमार के आवास पर हुई बैठक में मुख्य रूप से आगामी 23 अक्टूबर को होने वाली एमएलसी चुनाव की वोटिंग, मतदान की तैयारियों और पोलिंग मैनेजमेंट जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान नेताओं ने नीरज कुमार का हालचाल भी जाना।
नीरज कुमार की बढ़ी चुनौती, अनंत सिंह का खुला विरोध
इस बार के एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार की राह थोड़ी कठिन दिख रही है। उन्हें अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को अपना समर्थन दिया है और उनके लिए खुलकर प्रचार करते नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं और उन्हें चुनाव में हराने का दावा भी कर रहे हैं।
हाल ही में बिगड़ी थी नीरज कुमार की तबीयत
एमएलसी कैंडिडेट नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह के बीच बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। इसी बीच, सोमवार रात को हार्ट से जुड़ी परेशानी के कारण नीरज कुमार को मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इलाज के बाद वे बुधवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए। अस्पताल से बाहर आते ही उन्होंने मीडिया से कहा था कि वे अब ठीक महसूस कर रहे हैं। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद उमेश कुशवाहा और संजय गांधी की उनसे मुलाकात ने राजनीतिक महत्व बढ़ा दिया है।
23 अक्टूबर को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक मतदान
एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतदान शुरू होगा, जो शाम चार बजे तक चलेगा। मतदान केंद्रों पर बैलेट बॉक्स पहुंचाने का काम गुरुवार रात तक ही पूरा कर लिया गया है। इस बार के चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनके लिए 5,32,547 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 335 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 598 मतदान केंद्र बनाए हैं। यह चुनाव बिहार की राजनीति में कई नए समीकरण तय कर सकता है।







