Bihar MLC Election: हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गठबंधन से अलग होकर ‘अकेले चलो’ का पार्टी का फैसला पूरी तरह से गलत साबित हुआ है। इन चुनावों में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है, जिससे उसने अपनी इकलौती सीटिंग सीट भी गँवा दी है।
कांग्रेस ने इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वामदलों (CPM) जैसी सहयोगी पार्टियों के साथ ‘फ्रेंडली फाइट’ करने का निर्णय लिया था। यह रणनीति पार्टी के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हुई और कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन मोहन झा को भी हार का सामना करना पड़ा। बिना मजबूत जमीनी समर्थन के चुनाव मैदान में उतरना पार्टी को काफी भारी पड़ा है, यह इन नतीजों से स्पष्ट होता है।
बिहार MLC चुनाव: कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन
चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो कांग्रेस की स्थिति बेहद निराशाजनक दिखाई देती है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी संजय यादव को मात्र 21 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का एक प्रतिशत भी नहीं है। इस सीट पर पार्टी छठे स्थान पर रही। वहीं, पटना स्नातक सीट पर भी कांग्रेस उम्मीदवार केवल 971 वोट हासिल कर चौथे नंबर पर सिमट गया। अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी कांग्रेस का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा।
- दरभंगा स्नातक क्षेत्र में कांग्रेस को 4059 वोट मिले और वह पांचवें पायदान पर खिसक गई।
- कोसी स्नातक सीट पर 2297 वोटों के साथ पार्टी को चौथा स्थान मिला।
- हालांकि, दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस ने 2977 वोट हासिल कर दूसरा स्थान जरूर प्राप्त किया, लेकिन जीत का स्वाद यहाँ भी चखने को नहीं मिला।
इन चुनावी नतीजों ने बिहार में कांग्रेस की जमीनी हकीकत को पूरी तरह उजागर कर दिया है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की कमी और कमजोर संगठन के कारण पार्टी को यह करारी हार झेलनी पड़ी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सहयोगियों की मदद के बिना चुनाव लड़ने के इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में कांग्रेस को अपने संगठन को सिरे से मजबूत करने की सख्त जरूरत है। पार्टी को भविष्य की रणनीतियों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
आने वाले समय में कांग्रेस को बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। यह हार पार्टी के लिए आत्ममंथन का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

















