Bihar Rail Bridge: बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। कोइलवर में बिहार की सोन नदी पर एक महत्वाकांक्षी फोरलेन रेल ब्रिज बनने जा रहा है, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। रेलवे बोर्ड ने इस विशाल परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिस पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह ब्रिज न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि ट्रेनों की गति और क्षमता में भी अभूतपूर्व वृद्धि करेगा।
3500 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: जानें कब तक होगा पूरा काम
इस फोरलेन रेल ब्रिज के निर्माण पर लगभग 3500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आएगा। उम्मीद है कि नए साल तक इस परियोजना का काम शुरू हो जाएगा। कुल 400 किलोमीटर लंबी इस विशाल रेल लाइन परियोजना को डीडीयू से झाझा तक छह चरणों में पूरा करने की योजना है। फंड मिलने के तुरंत बाद निविदाएं जारी की जाएंगी और निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। जुलाई 2029 तक पुनारख-बाढ़-बख्तियारपुर खंड का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद, 2030 तक बख्तियारपुर-फतुहा और 2031 तक पुनारख-किऊल, डीडीयू-दानापुर और किऊल-झाझा खंडों का काम पूरा करने का लक्ष्य है।
एक साथ दौड़ेंगी 6 ट्रेनें, 180 किमी/घंटा की रफ्तार
इस नए फोरलेन रेल ब्रिज का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि एक साथ अप और डाउन दिशाओं में कुल छह ट्रेनें गुजर सकेंगी। वर्तमान में, सोन नदी पर बनी मौजूदा रेल लाइन पर एक बार में केवल एक-एक ट्रेन ही गुजर पाती है, जिससे अक्सर बिहटा या दानापुर के पास ट्रेनों को रोकना पड़ता है। यह नया बिहार रेल ब्रिज इस समस्या का स्थायी समाधान देगा। परियोजना पूरी होने के बाद, अप और डाउन दोनों दिशाओं में तीन-तीन ट्रेनें एक साथ 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और परिचालन दक्षता बढ़ेगी।
रेल लाइन के साथ ब्रिज का निर्माण, ये होंगे चरण
परियोजना के पहले चरण में डीडीयू से दानापुर तक लगभग 203 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसी चरण में कोइलवर में सोन नदी पर इस महत्वपूर्ण फोरलेन रेल ब्रिज का निर्माण भी शामिल है। इसके अलावा, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख और पुनारख-किऊल खंडों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का काम भी होगा। यह तय किया गया है कि जो एजेंसी रेल लाइन का निर्माण करेगी, वही एजेंसी इस फोरलेन रेल ब्रिज का भी निर्माण करेगी, जिससे कार्य में समन्वय बना रहेगा।
बिहार में यह फोरलेन रेल ब्रिज राज्य के रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। यह न केवल यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का अनुभव देगा, बल्कि ट्रेनों के दबाव को कम करके पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगा। इस परियोजना से बिहार की रेल कनेक्टिविटी एक नए स्तर पर पहुंच जाएगी, जिससे लाखों लोगों के जीवन पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।







