



डीएमसीएच का मतलब डी यानी दिल से मानिए एम यानी मन से मानिए सी यानी समझ से मानिए एच यानी हलाल हो जाइए। जिंदा आइए और मुर्दा बनकर लौटिए। स्ट्रेचर नहीं है कोई बात नहीं चादर में लिपटकर जाइए। दवा नहीं है कोई बात नहीं सामने के सभी काउंटर वहां बैठे गिद्द आपका इंतजार कर रहे जाइए आराम से जेब कटवाइए। यानी सरकार और उसका मतलब दलाल। जो जितना बड़ा दलाल उसकी कुर्सी उतनी ताकतवर आखिर जिसके पास इमान नहीं उसी का नाम दलाल है। लालबत्ती से सैर वह करता। सत्य-न्याय से बैर वह करता। सोशल-वर्कर, बेस्ट कैरेक्टर, उसका अजब धमाल है। सत्ता का वह लाल है, जिसका नाम दलाल है। देश के हालात यही हैं, फरिश्ते मशगूल हो गए हैं जी-हुजूरी कराने में इसलिए लोग जान बचाने के लिए शैतानों को सलाम बजाते हैं। कौन बजाए बड़ी दरबार का दरवाजा बाहर खड़े दलालों से ही कमीशन पर काम हो जाते हैं। दुनियां के दस्तूर बदल गए हैं। गर कोई मेमना यानी यहां का हर नागरिक जो मेमना है, झरने से पानी पीने की हिमाकत करता है तो मुहाने पर बैठे शेर की आंखों में उसके पूर्वजों का खून उतर आता है और मेमना अक्सर हलाल हो जाता है जो हलाल नहीं हुआ समझो, वह दलाल हो जाता है। साहेब सच मानो, बात चाहे डीएमसीएच की करो या सत्ता के गलियारों में कुंडली मारे नेताओं की हकीकत यही है, बात तो औकात की होती है जिंदगी में अक्सर, कोई बता जाता है कोई दिखा जाता है…।
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