
सहरसा। समाहरणालय स्थित एनआईसी कक्ष में बुधवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू ने मुख्यमंत्री के वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाग लिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग की समाप्ति के बाद मंत्री बबलू ने मीडियाकर्मियों को बताया कि वन विभाग के इको टूरिज्म को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म को विकसित करने को लेकर विचार विमर्श किया गया। साथ ही वाल्मीकि नगर में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने एवं वहां अगली कैबिनेट बैठक करने को लेकर विचार विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य में इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। इको टूरिज्म को मॉनिटरिंग के लिए एक विंग बनाई जाएगी एवं एकोमोडेशन की अच्छी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में वाल्मीकि नगर में इको टूरिज्म की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। अगले अक्टूबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
जिससे यहां अगली कैबिनेट बैठक हो सके। उन्होंने कहां की राज्य के जितने भी उद्यान हैं वे सभी वन विभाग के अंदर हैं।जहां समुचित व्यवस्था की जा रही है।उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय स्थित मत्स्यगंधा झील को फॉरेस्ट विभाग में शामिल करने के लिए विभाग द्वारा डिमांड लेटर भेजा जा रहा है।
जिलाधिकारी के स्वीकृति मिल जाने के बाद मत्स्यगंधा एक बार फिर से पुराने स्वरूप में लौट जाएगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग बेहतर व्यवस्था कर सकता है। ऐसे में मत्स्यगंधा में भी बेहतर व्यवस्था संपन्न की जाएगी।
झील में जहां मोटर बोट सहित अन्य सुविधाएं दी जाएगी।वहीं अन्य सुविधाएं का विस्तार किया जाएगा। जिससे लोग आकर्षित एवं देशी विदेशी पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
मौके पर उप विकास आयुक्त राजेश कुमार सिंह, भाजपा नेता सिद्धार्थ सिंह सिद्धू, मिथिलेश कुमार झा सहित अन्य मौजूद थे।






