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फ़रवरी, 19, 2026
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मिथिलांचल के मखाने की विदेशों में क्रेज के बीच Darbhanga पहुंचे Industrialist Exporter विनोद शाह, बताया-क्यों है अधिक Demand

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जाले, देशज टाइम्स ब्यूरो। दरभंगा जिले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मखाना के क्षेत्र में पुरस्कार मिलने के बाद विभिन्न एक्सपोर्ट कंपनी का रुझान इस क्षेत्र में बढ़ा है।

मंगलवार को यूनिग्लोब एग्रो इंप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विनोद शाह ने कृषि विज्ञान केंद्र जाले का भ्रमण किया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र जाले के अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर एवं अन्य वैज्ञानिकों से परिचर्चा करते हुए विनोद साह ने बताया कि विदेशों में मखाना में उपलब्ध पोषक तत्व एवं औषधीय गुण को देखते हुए इसकी मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।

ऐसे में, आवश्यकता है कि किसान संगठित हो विभिन्न एक्सपोर्ट कंपनियों से सीधे जुड़े जिससे कि बिचौलियों को मिलने वाले पैसे को रोका जा सके और किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो सके, जहां सामान्यतया दरभंगा के स्थानीय बाजार में मखाना का मूल्य ₹400 से लेकर 1200 के बीच में है।

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वहीं, विदेशों में इसका मूल्य 1500 से लेकर के 2100 प्रति किलो तक है। आवश्यकता है किसानों को जागरूक करने की जिससे कि वह अधिक से अधिक गुणवत्ता युक्त एवं बड़े आकार के मखाना का उत्पादन कर सकें। कृषि विज्ञान केंद्र के परिचर्चा में जानकारी हुई कि निचली धान के खेतों में मखाना का अच्छा गुणवत्ता युक्त उत्पादन प्राप्त किसान कर रहे हैं।

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वहीं, जाले में भी मखाना कृषक उत्पादक संगठन का गठन किया गया है इस अवसर पर उन्होंने कमतौल के अरविंद कुमार के मखाना प्रक्षेत्र का तथा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रत्यक्षण को देखा।

इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर ने बताया कि श्री विनोद कुमार साह एक अनुकरणीय उद्यमी है जिन्होंने कम समय में ही चावल दलहन तिलहन एवं मसाला के निर्यात में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह 14 देशों में विभिन्न उत्पादों का एक्सपोर्ट करते हैं।

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इस परिचर्चा में श्री कुमार ने बताया कि हमें किसानों को मखाना के क्षेत्रों पर जैविक एवं जीवाणु खादों के प्रयोग को बढ़ाकर मखाना के फल के आकार को बढ़ाना समान रूप के मखाना के बीज की तैयारी एवं रासायनिक खाद एवं दवाओं के प्रयोग से बचना चाहिए, जिससे गुणवत्ता युक्त मखाना उत्पाद तैयार किया जा सके।

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दरभंगा जिले को प्रधानमंत्री की ओर से मखाना के क्षेत्र में पुरस्कार मिलने के बाद विभिन्न एक्सपोर्ट कंपनी का रुझान इस क्षेत्र में बढ़ा है। उन्होंने एक्सपोर्ट के लिए आवश्यक मापदंडों की जानकारी वैज्ञानिकों को दी।

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