

कुशेश्वरस्थान के हिरनी गांव की रहने वाली जुगनू कुमारी बिहार पुलिस में सार्जेंट बनी तो गांव में उसके नाम का चर्चा आम हो गया। हिरनी गांव के गरीब परिवार में गणेश चौधरी के घर में 23 वर्ष पहले जन्म ली जुगनू को क्या पता था कि उसका परिवार उसका पालन पोषण नहीं कर सकता।
जुगनू के पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। मां गांव में ही रहकर सिलाई मशीन चलाकर अपना गुजारा करने के लिए मजबूर थी। परिवार का हालात देख जुगनू हिरनी गांव से लगभग दस किलोमीटर दूरी पर स्थित अपने ननिहाल सिंघिया में अपने नाना मिथिलेश झा के यहां रहकर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। और नाना नानी के घर रहकर ही प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करती रही।
आखिरकार उसने सफलता हांसिल कर के ही माना। लोग कहते है कि मेरे माता पिता गरीब है इसलिए मैं पढ़ाई नही कर सका लेकिन कुशेश्वरस्थान की जुगनू ने ये साबित कर दी कि अगर हौसला बुलंद हो तो गरीबी रास्ते मे रुकाबट कभी नही बन सकती। अपने आसपास के लड़कियों के लिए एक मिसाल के रूप में उभरी हैं।
जुगनू ने बिहार पुलिस में सार्जेंट की परीक्षा पासकर सिर्फ सिंघिया ही नही बल्कि अपने पैतृक गांव हिरनी के आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी गौरवान्वित किया है। इनकी सफलता की चर्चा कुशेश्वरस्थान ही नही बल्कि समस्तीपुर जिला के सिंघिया में एक एक लोग के जुबान पर है। गांव में जिस घर के तरफ लोग देखते नही थे आज जुगनू के सफलता के बाद लोगों की जुबान से एक बार जरूर निकलता है कि यही जुगनू का घर है।


