दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। बहादुरपुर थाना पुलिस की उदासीन रवैये के कारण उनके चर्चे आम लोगों के बीच सुर्खियां बटोर रही है। कई ऐसे शिकायत मिलती रहती हैं पर कार्रवाई करेगा कौन?
थाना क्षेत्र में चोरी गई मोटर साइकिल के बरामदगी होने पर भी मोटर साइकिल को थाना पर लाना भी उनसे संभव नहीं होता। बरामदगी होने पर भी पीड़ित पक्ष को कहती है, बाइक को थाना पर पहुंचाइए वरना आपकी मोटरसाइकिल वहीं खड़ी रहेगी।






जानकारी के अनुसार, बहेड़ा थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव निवासी जीवछ यादव के पुत्र अशोक कुमार यादव की बाइक (बीआर07वी-7533) बहादुरपुर थाना क्षेत्र के इंद्रिरा कॉलोनी से 5 अगस्त को चोरी हुई थी। इस बाबत पीड़ित ने थाना में सूचना दिया था। मगर पुलिस मोटरसाइकिल बरामदगी को लेकर गंभीर नहीं थी।
इसी बीच शुक्रवार की सुबह दोनार पेट्रोल पंप के सामने गली में वह बाइक बरामद हुई। मगर उसकी डिक्की और नंबर प्लेट खोल कर हटाया लिया गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों ने इसे किसी अपराधिक घटना में इस्तेमाल कर यहां लावारिस छोड़ दिया है। सुबह इसकी सूचना पीड़ित व्यक्ति को दिया।
पीड़ित व्यक्ति ने जब थाना को सूचना दी तो थानाध्यक्ष ने फोन नहीं उठाया। फिर से जब वह थाना में फोन किया तो वहां से गुड्डू नामक मुंशी ने फोन पर कहा कि गाड़ी थाना पर ही ले आइए। एक दिन पहले कृष्णापुरी मुहल्ला के विनोद यादव की मोटर साईकिल चोरी हुई। उन्होंने बहादुरपुर थाना जाकर इसकी लिखित सूचना दी। लेकिन, प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।
परेशान होकर एसएसपी के यहां पहुंचा, लेकिन एसएसपी के कार्यालय में उन्हें बैठा नहीं देख वहां बैठे मुख्यालय डीएसपी अमित कुमार से पीड़ित ने शिकायत की। डीएसपी श्री कुमार ने पूछा, तो पीड़ित ने कहा कि चार दिनों से बाइक की चोरी को लेकर बहादुरपुर थाना एफआईआर दर्ज कराने के लिए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें टहलाया जा रहा है। डीएसपी ने उनके आवदेन पर आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करें। ऐसे में, सवाल उठता है कि कब तक ऐसी पुलिसिंग चलेगी जहां पीड़ित व्यक्ति को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा!







