

कुशेश्वरस्थान। जहां एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी को लेकर छठ के विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं कि अर्ध्य देने वाले व्रतियों को अर्ध्य देने में परेशानी ना हो।
वहीं, दूसरी ओर बिहार के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवनगरी बाबा कुशेश्वरनाथ का इकलौता शिवगंगा घाट जहां हजारो लोग सूर्य को अर्ध्य देते हैं उस तालाब का काफी बुरा हाल है। विगत कई महीनों से शिवगंगा तालाब का पानी काफी मैला हो गया है। पानी का रंग भी पूरी तरह बदल गया है।
इतना ही नही शिवगंगा के पानी से बदबू भी आने लगी है। ऐसे स्थिति में यहां सूर्य को अर्ध्य देना व्रतियों के लिए आसान नही होगा। जानकर बताते है कि शिवगंगा का पानी इतना बदबूदार है कि पानी में पांच मिनट तक खड़ा रहना छठ व्रतियों के लिए एक चुनौती से कम नही है।
सूत्रों की माने तो खुद थानाध्यक्ष ने न्यास के सदस्यों से कई बार इसकी शिकायत की है। इसके बावजूद न्यास कर्मी ने संज्ञान नही लिया। न्यास के लोग नगर पंचायत पर ठीकरा फोड़ रहे है कि तालाब की सफाई नगर पंचायत की ओर से किया जायेगा।
वहीं कुछ लोगो का मानना है कि न्यास समिति और नगर पंचायत के चक्कर मे शिवगंगा की स्थिति बदत्तर होती जा रही है। इस बार न्यास समिति के लोग कान में तेल डालकर सो रहे है। प्रत्येक वर्ष न्यास की ओर से छठ में शिवगंगा घाट का रंग रंगाई की जाती थी लेकिन इस बार न्यास के समिति नगर पंचायत पर ठीकरा फोड़ने में लगे है।
वहीं नगर पंचायत अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए शिवगंगा पोखर से कचरा की सफाई करा दी, शिवगंगा में बेरिकेडिंग का काम भी नगर पंचायत की ओर से किया जा रहा है। लेकिन शिवगंगा के बदबूदार पानी की सफाई को लेकर अभी तक कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है।
छठ व्रती प्रमिला देवी बताती है कि शिवगंगा घाट का पानी काफी गंदा हो गया है। और इससे काफी बदबू भी आ रही है। इस स्थिति में छठ व्रती कैसे पानी में खड़ा होकर सूर्य भगवान को अर्ध्य देगें। पानी की सफाई को लेकर न्यास समिति हो या नगर पंचायत दोनो में से किसी को संज्ञान लेना चाहिये था।




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