
दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। दरभंगा के एसएसपी साहेब जरा सुनिए…! एक तरफ सरकार शराब बंदी को लेकर हमेशा से कड़े तेवर में है। वहीं, इसकी आड़ में कई पुलिसकर्मी इसे कमाने का जरिया बना लिए हैं। इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि इनकी निगरानी में कई आलाधिकारी बैठे हुये हैं। इस कारण, इन पर कार्रवाई भी हो सकती हैं।
जी हां, हम बात कर रहें हैं शुभंकरपुर टीओपी पुलिस की, जो रक्षक के बजाय भक्षक बने हुये हैं। दरभंगा जिला अंतर्गत शुभंकरपुर टीओपी इन दिनों घूसखोरी के मामले काफी चर्चित हो गये हैं।
इस टीओपी में तैनात पुलिसवालों पर एक दो नहीं सैकड़ों लोग अवैध रूप से शराब बेचबाने और घूसखोरी का आरोप लगा रहें हैं। वार्ड के दर्जनों लोगों का आरोप हैं कि रात में देर रात घर लौटने के क्रम में मजदूरों से हेलमेट या अन्य कोई भी बहाना बनाकर पुलिस वाले जबरन पैसा उगाही कर प्रताड़ित करते हैं।
सैकड़ों ग्रामीणों का आरोप है कि नशे की गोली बेचने वाले एवं शराब बेचने वाले माफियाओं से पैसा वसूली कर पुलिस वाले खुली छूट दे रहें हैं। इस कारण बच्चे नशे के शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग हैं कि ऐसे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एसएसपी कार्रवाई करें। अन्यथा, मजबूर होकर ग्रामीणों को आंदोलन करना पड़ेगा। करीब सौ की संख्या में कई वार्डों के लोगों ने हाल ही में थाना परिसर में इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हल्ला बोल भी किया था।
साथ ही, टीओपी प्रभारी को चेतावनी भी दी कि अगर ऐसा चलता रहा तो सभी वार्ड के सदस्य बैठककर पुलिस के खिलाफ मुहिम छेड़ देंगे। कुछ वार्ड पार्षदों ने यह भी कहा कि निर्दोष लोगों को छुड़ाने पर एक हजार या फिर दो हजार तक इन पुलिस वालों को घूस भी अपने हाथों से दिया हैं, लेकिन अब स्थिति विस्फोटक हो चुकी हैं।
महेश नोनिया, मनीष कुमार, वीरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार एवं राज़धारी कुमार आदि पुलिस कर्मियों का नाम लेते हुये सभी आक्रोश व्यक्त कर रहें हैं। इधर, टीआरपी प्रभारी अखिलेश कुमार खुद को निर्दोष बताते हुये कहते हैं कि उन्हें इस मामले में जानकारी नहीं हैं।







