
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में वैशाली में शहीद बेटे का स्मारक बनाने पर पिता को जेल भेजने के मामले पर जमकर हंगामा के बाद डीजीपी आरएस भट्टी और गृह अपर मुख्य सचिव को बुलाया गया। और इसकी जांच का आदेश दिया गया। डीजीपी आरएस भट्टी ने इस मामले में स्पेशल टीम का गठन किया है। उन्होंने इस मामले में मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि पुलिस पदाधिकारी दोषी पाये गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को विधानमंडल में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार गलवान घाटी के शहीद जय किशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में गंभीर है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होगी।
सीएम ने कहा कि गांव-कजरी बुजुर्ग, थाना- जन्दाहा, जिला – वैशाली निवासी राजकपूर सिंह को अतिक्रमण एवं अन्य मामले में जेल भेजे जाने के क्रम में कथित दुर्व्यवहार की जानकारी प्राप्त हुई है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच दल गठित कर अति शीघ्र जांच कार्य संपन्न करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभिभाषण चल ही रहा था कि नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा खड़े होकर बोलने लगे कि गलवाण में वैशाली का लाल शहीद हुआ। उसके पिता को गिरफ्तार किया गया। पिटाई की गई। पिता शहीद बेटे की याद में स्मारक बनाए थे। इस पर ही नीतीश कुमार ने कहा कि इसे लेकर मेरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से आज ही बात हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक्शन लेगी। जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई होगी। इस पूरे मामले को संज्ञान में लिया गया है. इन बातों के दौरान सदन से बीजेपी के लोग वॉकआउट करके चले गए। इसके अलावा अपने अभिभाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कई बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि जो लोग जहरीली शराब पीकर मर रहे हैं, उनके परिजनों को मुआवजा नहीं मिलेगा। मैं बार बार बोल रहा कि शराब मत पियो। लोग फिर भी शराब पी रहे और मर रहे हैं। इसके अलावा सूबे में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने को लेकर बात कही। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल गया होता तो आज स्थिति कुछ और होती। पिछड़ा राज्य को देखकर करते तो पूरा देश विकसित होता। हम लोगों को केवल राज्य सरकार के तौर पर काम करने को मिलता, लेकि चाहते हैं कि देश आगे बढ़े।
सीएम ने सदन को बताया कि जानकारी जो प्राप्त हुई है उसके मुताबिक हरिनाथ राम पुत्र स्व. रामदेव राम, ग्राम-कजरी बुजुर्ग, थाना-जन्दाहा ने गलवान घाटी के शहीद जय किशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह पर वर्ष 2019 में तथा दोबारा 23 जनवरी, 2023 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
कथित दुर्व्यवहार की घटना को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं पर जांच करने का निर्देश दिया है। इसमें अगर कोई पुलिस पदाधिकारी या कर्मी दोषी पाया जायेगा तो उस पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।
इसके पूर्व तेजस्वी यादव ने विधानसभा में शहीद के पिता को जेल भेजने पर सदन में कहा कि मैं उसी वैशाली से जीत कर आता हूं। जब जवान शहीद हुए थे तो हम वहां गए थे। प्रतिपक्ष के नेता गए थे कि नहीं पता नहीं। वहां के लोगों की मांग थी तो हमने वादा किया था। उस समय इनकी सरकार थी। हम लोग देशभक्ति बेचते नहीं है।
उस समय परिवार की मांग थी मूर्ति लगे, लेकिन वो अपनी जमीन नहीं देना चाहते थे। बगल के दलित की जमीन पर बनाना चाहते थे। ये कैसे मुमकिन हो सकता था। जहां तक उनके पिता के गिरफ्तारी की बात है उसे देखा जा रहा है। कानून अपना काम कर रही है।
मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि भाजपा के जो नेता स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करते थे, वो गलवान के शहीदों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। ये मौके की तलाश में रहते हैं। ये नाटक करते हैं। इनकी कोई भावना नहीं है। महागठबंधन की सरकार कभी शहीदों का अपमान कर ही नहीं सकती है।
अग्निवीरों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर राजद कोटे से सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव को लेकर भी भाजपा ने हंगामा किया। भाजपा विधायकों की मांग थी कि मंत्री सुरेंद्र यादव अपने बयान को लेकर माफी मांगे। दूसरी ओर सदन के बाहर भाकपा माले के सदस्यों ने आज अपनी ही सरकार के खिलाफ जमकर हंगामा किया। बजट में महागठबंधन के घोषणा पत्र के वादों को शामिल नहीं करने पर निराशा जताई।
बिहार विधान परिषद की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही भाजपा के विधान पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार में बढ़ते अपराध, एससी एसटी छात्रवृत्ति योजना और जेठली गांव में हुई फायरिंग को लेकर जमकर नारेबाजी हुई।
पूर्व मंत्री जनक राम ने कहा कि जब से नीतीश कुमार ने महा गठबंधन के साथ सरकार बनाई है तब से बिहार में भ्रष्टाचार के साथ अपराध चरम पर है। हर बिंदु पर हम सरकार से सदन में जवाब चाहते हैं लेकिन सरकार जवाब देने से भाग रही है। विरोधी दल के नेता सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार के मंत्री जलेबी की तरह बातों को घुमा रहे हैं। बिहार में लॉ एंड ऑर्डर नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हो रही।





