back to top
1 सितम्बर, 2024
spot_img

नीतीश सरकार में मिली सिपाहियों को बड़ी जिम्मेदारी, अन्य राज्यों की तरह अब PTC पास ‘सिपाही’ भी करेंगे केसों का अनुसंधान

आप पढ़ रहे हैं दुनिया भर में पढ़ा जाने वाला Deshaj Times...खबरों की विरासत का निष्पक्ष निर्भीक समर्पित मंच...चुनिए वही जो सर्वश्रेष्ठ हो...DeshajTimes.COM
spot_img
Advertisement
Advertisement

बिहार के सिपाही अब भरोसेमंद बनेंगे। सरकार इन्हें बड़ी और महथी जवाबदेही देने जा रही है। अब इनके जिम्मे अनुसंधान का भी कार्य शामिल होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसको लेकर फैसला सुना दिया (PTC pass ‘soldiers’ will also investigate cases) है।

दरअसल, आज नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार दोपहर मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार पुलिस के पीटीसी प्रशिक्षण करने वाले सिपाही रैंक के पुलिस अधिकारियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर अनुसंधान की शक्ति दी गई है।

नीतीश सरकार ने आज बड़ा फैसला लेते हुए पीटीसी प्रशिक्षित सिपाहियों को भी केस के अनुसंधान का जिम्मा दिया है। कैबिनेट से यह प्रस्ताव पास हो गया है।

यह भी पढ़ें:  अब जमीन रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव! वीडियो रिकॉर्डिंग, UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड से पेमेंट, घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री

बिहार राज्य प्रोटोकॉल संवर्ग के विभिन्न कोटि के 15 पदों के सृजन एवं बिहार प्रोटोकॉल संवर्ग नियमावली 2023 की स्वीकृति दी गई है। भामाशाह की जयंती हर साल 29 अप्रैल को पटना के पुनाइचाक पार्क में राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने की भी स्वीकृति दी गई है।

बिहार पुलिस के पीटीसी प्रशिक्षण उतीर्ण सिपाही रैंक के पुलिस अधिकारियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर अनुसंधान की शक्ति दी गई है। इसके लिए बिहार पुलिस हस्तक 1978 में संशोधन किए गए हैं।

गृह विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। कैबिनेट मीटिंग के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि रिजर्वेशन में आरक्षण का मामला कोर्ट में लंबित है।

यह भी पढ़ें:  1 सितंबर से बदल जाएगा पूरे बिहार का शिक्षा विभाग, जानिए बड़ी वजह...नई सोच, नई उम्मीद, शिक्षा, सामान्य प्रशासन और विकास विभाग में बड़े फेरबदल का ऐलान

इस वजह से प्रमोशन की कार्यवाही बाधित है। प्रमोशन रूके होने की वजह से जांच अधिकारी की कमी है। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया है कि जो सिपाही प्रमोशन के कगार पर हैं, पीटीसी परीक्षा उत्तीर्ण हैं, उन्हें केस के अनुसंधान का जिम्मा दिया जाए। अन्य राज्यों में भी यही व्यवस्था लागू है।

यह भी पढ़ें:  अब जमीन रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव! वीडियो रिकॉर्डिंग, UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड से पेमेंट, घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री

बिहार मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण नियमावली 2023 की स्वीकृति दी गई है। इस नियमावली के बाद जिलों में वाहन दुर्घटना केस के निष्पादन के लिए दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का गठन किया जाएगा।

जिलों में दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के गठन के बाद वाहन दुर्घटना पीड़ितों की ओर से दायर केस का तेज गति से निष्पादन हो सकेगा।

जरूर पढ़ें

दरभंगा में 27.97 लाख मतदाता सूची अपलोड –फर्जी नाम मतदाता सूची से हटेंगे!

दरभंगा में 27.97 लाख मतदाता सूची अपलोड – विशेष प्रेक्षक बोलीं: कोई नागरिक छूटना...

Darbhanga में बड़ी वारदात! 50 लाख के जेवर चोरी, ग्रामीणों में उबाल, कई थानों की पुलिस पहुंची – एक महीने में 1 करोड़ की...

दरभंगा में बड़ी वारदात! एक महीने में 1 करोड़ की सोना-चांदी चोरी, पुलिस पर...

महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के अधिकारों पर बेनीपुर में विधिक जागरूकता

बेनीपुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र के निर्देश पर एवं...

Darbhanga Navodaya के छात्र जतिन की मां बोली-मेरे बेटे की हत्या हुई? जांच रिपोर्ट से ग्रामीण-परिजन असंतुष्ट-कहा-CBI जांच हो या जाएंगें HIGH COURT!

केवटी नवोदय विद्यालय छात्र 12 वर्षीय जतिन की संदिग्ध मौत का मामला! परिवार बोला...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें