spot_img

आसमानों से फ़रिश्ते जो उतारे जाएं, वो भी इस दौर में सच बोलें तो मारे जाएं..

spot_img
- Advertisement -

सरकारी कार्य संस्कृति में इतने पेंच हैं, आम आदमी थककर चूर हो जाए एक कागज इधर से उधर सरकारी दफ्तर में हो ना पाए। हकीकत यही है, सरकारी व्यवस्था ने हर आम इंसान को शक की सूची में डाल दिया है। चाहे एक बैंक में खाता खुलवाने की बात हो आप बैंक जाएं वहां के मैनेजर से मिलें इतने सवाल पूछेंगे, कागजात मांगेंगे कि एक सरल सोच वाला इंसान भी अपराधियों की फेहरिस्त में शामिल होता मिलेगा। लगेगा जैसे मैंने गुनाह कर ली हो बैंक में खाता खुलवाने के लिए आकर यही हाल कमोबेश हर सरकारी दफ्तर में है जहां आम इंसान को बिना दौड़ाए उनके चरित्र का सत्यापन तक नहीं हो रहा। हालात यही है, आसमानों से फ़रिश्ते जो उतारे जाएं, वो भी इस दौर में सच बोलें तो मारे जाएं..।आसमानों से फ़रिश्ते जो उतारे जाएं, वो भी इस दौर में सच बोलें तो मारे जाएं..

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Education News: बिहार जनगणना ड्यूटी में शिक्षकों की परेशानी बढ़ी, अब स्कूल के बाद ही करना होगा सर्वे, जानें नया आदेश

शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी: बिहार में अब शिक्षकों को पढ़ाने के साथ-साथ जनगणना का...

Jamui News: वंदे भारत एक्सप्रेस का जमुई में नया स्टॉपेज: यात्रियों को मिली बड़ी राहत, जानें नया टाइम टेबल

वंदे भारत एक्सप्रेस: बिहार के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! दानापुर रेल...

Bihar News: पटना पुलिस रिश्वत: जानीपुर थाने का अपर थानाध्यक्ष ₹1 लाख घुस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

पटना पुलिस रिश्वत: बिहार में भ्रष्ट अफसरों पर निगरानी विभाग का शिकंजा लगातार कसता...

Bhagalpur News: ‘विद्रोह खत्म’… तिलका मरा कहां है? | Deshaj Times Special Ep. 10 | कब मिलेगी बाबा Tilka Manjhi की आत्मा को शांति?

फांसी पर झूला शरीर, पर नहीं झुकी पहाड़ियां...माटी की दास्तान। भागलपुर। 13 जनवरी 1785...