back to top
30 नवम्बर, 2025

ऐसा हंगामा न था जंगल में ए मेरे दोस्त… मुझको कहानियां न सुना शहर को बचा

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

स्कूल की व्यवस्था वहां का माहौल पढ़ाई लायक कम दिखने लगा है। स्कूल परिसर में जमकर मारपीट, हंगामा की खबरें लगातार विचलित कर रही हैं। लड़कों का रवैया भी सामान्य पहले जैसा नहीं रहा। लड़कियां भी कम कसूरवार नहीं है मगर यह सब विमर्श का विषय है। फिलहाल स्कूल परिसर के बाहर उचक्के, शहर के लिए अब नई बात नहीं रहे। छुट्टी का समय होते ही वहां के तमाम छुटभैये दुकानदार, स्कूल गेट के बाहर उस भीड़ से अमूमन पट जा रहे हैं जिसकी शक्ल में ही उचक्कापन है। वह लड़कियों के लिए परेशानी का सबब तो बन ही रहे अभिभावकों के लिए काफी निराशाजनक व चिंताग्रस्त स्थिति में घोर विस्मय परिस्थिति छोड़ रहे हैं। पुलिस को पता है। प्रशासन को जानकारी है। मगर दुखद यही कि ऐसे उचक्कों की पूरी सत्ता इन अफसरों पर भारी है। यही वजह है एक कविता याद आती है जो इस शहर को नसीब नहीं, उनमें आदमियों का नहीं, एक जंगल का बचपन है, जंगल जो हरियाली से काट दिए गए हैं, और अब सिर्फ आग ही हो सकते हैं। हालात यही है, ऐसा हंगामा न था जंगल में शहर में आए तो डर लगता था, ए मेरे दोस्त… मुझको कहानियां न सुना शहर को बचा ऐसा हंगामा न था जंगल में ए मेरे दोस्त… मुझको कहानियां न सुना शहर को बचा

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

मधुबनी: प्रारंभिक विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन, शिक्षा में सुधार पर मंथन

मधुबनी न्यूज़: जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में शनिवार को एक महत्वपूर्ण अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का...

मधुबनी: स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हुए SDM, की बैठक

मधुबनी: झंझारपुर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार गौरव ने शनिवार को शहर के प्रमुख निजी स्कूलों...

मैथिली में अपर्णा कुमारी को स्वर्ण पदक, विवि के दीक्षांत समारोह में हुआ सम्मान

दरभंगा/मधुबनी: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के बहुप्रतीक्षित दीक्षांत समारोह में मेधा की एक...

मधुबनी: अभाविप ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन, बताईं समस्याएं

मधुबनी, बिहार: झंझारपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की संगठनात्मक जिला बैठक संपन्न...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें