
दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। शहर के लोगों की उपेक्षा ग्रामीण इलाकों के लोगों में दांतों की बीमारी कम होती है। कारण, वे प्रकृति तौर-तरीकों का इस्तेमाल अधिक करते है। दांतों को नीम, बबूल के दातून से साफ करना बेहद फायदेमंद होता है। यह बात घनश्यामपुर प्रखंड के पाली गांव में स्वयंसेवी संस्था डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन की ओर से लगाए गए निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर में स्थानीय लोगों को सलाह देते हुए चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार ने कही।
उन्होंने बताया कि मुंह से बदबू आना, मसूड़ों का सूजन व खून निकलने की समस्या को आम तौर पर पायरिया कहा जाता है। बिहार के अधिकांश इलाकों के लोग पायरिया से ग्रसित हो जाते हैं। इसका मूल कारण अनियमित खान-पान के साथ दांतों की उचित देखभाल नहीं करना है। शिविर का संचालन कर रहे फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने बताया कि शिविर में 88 मरीजों को निःशुल्क परामर्श दिया गया जबकि बाइस मरीजों का दांत निकाला गया। वहीं, पांच मरीजों के मसूड़ों की सर्जरी की गई। मौके पर अनिल कुमार सिंह, नवीन कुमार, तसीफ इकबाल ‘रिंकू’ लईक अहमद, अब्दुल हफीज, मो. नाजीम, मो. आदिल समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।
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