
अविराम, दरभंगा देशज टाइम्स ब्यूरो। क्या सचमुच पाकिस्तान से लौटी गीता हायाघाट की बेटी है। उसके पाकिस्तान से लौटने के बाद लगातार कई शहरों के दंपती दावा कर रहे हैं कि गीता उसकी बेटी है। कई दफा डीएनए टेस्ट हुए लेकिन आखिरकार अब सच्चाई यह सामने आ रही है कि गीता दरभंगा जिले के हायाघाट की रहने वाली है और यहां उसके परिजनों ने विदेश मंत्रालय तक यह बात पहुंचा भी दी है जिसमें उस पीड़ित परिवार की मदद का भरोसा स्थानीय हायाघाट के विधायक अमरनाथ गामी ने भी दी है। मगर सवाल यही है कि आखिर गीता है कौन? विदेश मंत्री सुषमा स्वराज गीता के परिजनों को लगातार खोज रही हैं। वीडियो संदेश जारी कर चुकी हैं। बिहार समेत झारखंड के लोगों से मदद मांग रहीं। इस बीच दरभंगा के हायाघाट प्रखंड के हवासा गांव के एक परिवार ने गीता को अपनी बेटी बताया है। यह बेहद गरीब परिवार है, जो मजदूरी कर किसी तरह गुजारा करता है। शीत मांझी की पत्नी शोभा देवी सहित परिवार के कई सदस्यों ने विदेश मंत्री का गीता के साथ वीडियो देखने के बाद से ही रट लगा रही कि गीता उनकी बेटी है। वैसे, सुषमा स्वराज के साथ गीता के वायरल वीडियो व शोभा की बेटी गुड्डी के गायब होने में कई चीजें समान हैं। गीता की तरह शोभा की बेटी भी मूक-बधिर है। शोभा की गायब बेटी व गीता का असली नाम गुड्डी है। गीता करीब तेरह साल पहले भटक कर पाकिस्तान चली गई थीं। शोभा की बेटी भी इतने ही वर्षों से लापता है। सरकार भी मान रही कि गीता बिहार-झारखंड के ही किसी जिले की है। शोभा दरभंगा जिले की है। वीडियो में गीता का हुलिया भी गुड्डी से मिलता है।
यहां रह रही गीता
गीता, मध्यप्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय व नि:शक्त कल्याण विभाग की देख-रेख में इंदौर की एक गैर सरकारी संस्था के आवासीय परिसर में रह रही है। इस विभाग के संयुक्त निदेशक बीसी जैन ने पुष्टि की कि मूक-बधिर युवती के माता-पिता की खोज के लिए सरकार की कोशिशें अब भी जारी है। वह मध्यप्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय व नि:शक्त कल्याण विभाग की देख-रेख में इंदौर की गैर सरकारी संस्था मूक-बधिर संगठन के हॉस्टल में रह रही है। सरकार उसके माता-पिता की खोज में पिछले तीन साल के दौरान देश के अलग-अलग इलाकों के दस से ज्यादा परिवार गीता को अपनी लापता बेटी बता चुके हैं, लेकिन सरकार की जांच में इनमें से किसी भी परिवार का इस मूक-बधिर युवती पर वल्दियत का दावा फिलहाल साबित नहीं हो सका है। इस बीच, जबलपुर की महिला ने गीता को अपनी बेटी बताया। इसी बीच इसी साल गीता के लिए दूल्हे की तलाश शुरू कर गई थी। फेसबुक पर एक एनजीओ ने उसकी शादी के लिए एक ऐड पोस्ट किया था। ऐड पोस्ट किए जाने के दस दिनों के अंदर करीब बीस लोगों ने गीता के साथ सात फेरे लेने की इच्छा जताई थी। बताया गया था कि शादी का पूरा खर्च विदेश मंत्रालय उठाएगा। यही नहीं शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को रहने के लिए घर व लड़के को सरकारी नौकरी देने की भी बात की गई थी। अब गीता की वल्दियत का दावा कर रहे तीनों परिवारों के डीएनए नमूने भी लिए जाएंगे। इन नमूनों को गीता के डीएनए नमूने से मिलान के लिए सीबीआई की नई दिल्ली स्थित केंद्रीय अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) भेजा जा सकता है।
मेरा दावा है यह यकींन में जरूर बदलेगा
इधर,दरभंगा जिले के हायघाट के परिजनों का दावा यह है कि शोभा देवी एक पुरानी तस्वीर दिखाती हैं। इसमें गुम हुई बच्ची दिख रही है। बताती हैं कि नैन-नक्श पाकिस्तान से लौटी गीता से काफी मिलते हैं। उन्होंने बताया कि शोभा करीब बारह साल पहले अपने पति व बच्चों के साथ गुरुग्राम के घोड़ाकला में रहती थी। वे खेतों में मजदूरी करते थे। इसी बीच गुड्डी कहीं गुम हो गई। खोजबीन के बाद भी नहीं मिली। थक हारकर घर चली आई। जब भी बेटी की याद आई तो आंसू बहाती रही। पति अब भी हरियाणा में किसी फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। गुमशुदा लड़की के अलावा शोभा व शीत मांझी के दो लड़के हैं। शोभा ने बताया जिस लड़की को पाकिस्तान में गीता नाम दिया गया, वह लिखकर अपना नाम गुड्डी ही बताती है। लापता बेटी कुछ भी बोलने में सक्षम नहीं थी। शोभा के दावे को जेठ कमलू मांझी व जेठानी रंजू देवी ने भी समर्थन किया है। उनका कहना है कि लड़की की आंखें और हुलिया गुम हुई बेटी से मिलती हैं। गीता सात-आठ साल की उम्र में पाकिस्तानी रेंजर्स को समझौता एक्सप्रेस में लाहौर रेलवे स्टेशन पर मिली थी। गलती से सरहद पार पहुंचने वाली यह लड़की भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के विशेष प्रयासों के कारण गीता 26 अक्तूबर 2015 को स्वदेश लौटी। स्वराज ने बीस नवंबर को मीडिया से बातचीत के दौरान गीता को हिंदुस्तान की बेटी बताते हुए स्पष्ट किया कि देश में उसके परिवारवाले मिलें या न मिलें, वह दोबारा पाकिस्तान कभी नहीं भेजी जाएगी। उसकी देखभाल भारत सरकार ही करेगी। शोभा देवी व उनके परिजनों ने गीता को सुपुर्द करने की गुहार लगाई है। इसके लिए डीएनए टेस्ट को भी तैयार हैं।
विधायक अमरनाथ ने कहा, वीडियो में कई चीजें समान
हायाघाट विधायक अमरनाथ गामी भी परिवार को न्याय दिलाने के लिए संकल्पि हैं। इनका कहना है कि अगर गीता हमारी बेटी है तो वह अपना घर अपने परिजनों से जरूर मिलेंगी। श्री गामी ने कहा कि इस परिवार की बातें व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की गीता के परिवार को खोजने की अपील वाले वीडियो में कई चीजें एक समान हैं। इससे लगता है कि गीता उर्फ गुड्डी इसी परिवार की बेटी है। इसकी हरसंभव मदद की जाएगी। यह जानकारी उन्होंने विदेश मंत्रालय तक पहुंचाने की बात कही। कहा कि हर संभव न्याय मिलेगा दिलवाकर रहूंगा।
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