
ग्रीन कार्डधारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में 4.62 लाख ग्रीन कार्डधारकों को अप्रैल में ही मिलेगा चार महीने का चावल। झारखंड की यह खबर 4.62 लाख ग्रीन कार्डधारियों के लिए अच्छी है। उन्हें अप्रैल में एकमुश्त चार महीने का 2.88 क्विंटल चावल मिलेगा। राज्य सरकार ने सितंबर 2022 से दिसबंर 2022 के अनाज का आवंटन कर दिया है।
राज्य के 4.62 लाख ग्रीन कार्डधारकों को अप्रैल में एकमुश्त चार महीने का 2.88 क्विंटल चावल मिलेगा। राज्य सरकार ने सितंबर से दिसबंर 2022 के अनाज का आवंटन कर दिया है। राज्य के 25,462 डीलर चावल का वितरण करेंगे।
झारखंड में सितंबर से ही ग्रीन कार्ड धारकों को खाद्यान्न नहीं मिल रहा था। कालाबाजारी की शिकायत के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्डधारकों की जांच करा रहा था। जांच में सैकड़ों फर्जी कार्ड धारक पकड़े गए।
अब राज्य में 4.62 लाख ग्रीन कार्डधारक बचे हैं। विभाग का कहना है कि अब कालाबाजारी रुकेगी। राज्य में सबसे अधिक 41,468 ग्रीन कार्ड धारक धनबाद और सबसे कम 5245 सिमडेगा में हैं। लातेहार के जिला आपूर्ति पदाधिकारी शेखर कुमार ने कहा कि जिस कंपनी को टेंडर मिला है, वह एक सप्ताह के भीतर सभी गोदाम में चावल उपलब्ध करा देगी। अप्रैल में सभी ग्रीन कार्ड धारकों को राशन मिल जाएगा।
राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने पहली बार पांच-पांच किलो के पैकेट बनाए है। पैकेट हरे रंग का होगा। इसमें पांच किलो अनाज होगा। यह कार्डधारक परिवार के प्रत्येक सदस्य को दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि पैकेट बनाने का मुख्य उद्देश्य राशन की कालाबाजारी रोकना है।
अक्सर सूचना मिलती थी कि डीलर राशन की कालाबाजारी कर रहे हैं। कार्ड धारकों को कम राशन दिया जाता है। बंद पैकेट होने से डीलर राशन की कालाबाजारी नहीं कर पाएंगे। कार्ड में जितने सदस्यों का नाम होगा, उसे उतना पैकेट मिलेगा।
राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने पहली बार पांच-पांच किलो के पैकेट बनाए हैं पैकेट हरे रंग का होगा। इसमेंं पांच किलो अनाज होगा। यह कार्डधारी परिवार के प्रति सदस्यों को दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि पैकेट बनाने का मुख्य उद्देश्य राशन की कालाबाजारी रोकना है।






