
Araria News: कृषि क्षेत्र में मुनाफाखोरों की मनमानी पर अब अंकुश लगना शुरू हो गया है। जब अन्नदाता पसीना बहाता है, तब कुछ लोग उसकी मेहनत का मोल नहीं समझते और कालाबाजारी कर अपनी तिजोरी भरते हैं। लेकिन अब ऐसे गोरखधंधों पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई से लगाम कसी जा रही है।
अररिया न्यूज़: जिला प्रशासन की सघन छापेमारी और कार्रवाई
Araria News: अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के सख्त निर्देश पर जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने मिलकर पलासी प्रखंड में बड़ी कार्रवाई की है। 17 और 18 दिसंबर 2025 को सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस जांच में मिली अनियमितताओं के आधार पर जिला कृषि पदाधिकारी, अररिया द्वारा संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के तहत, कलाही स्थित मेसर्स प्रतीक्षा किसान खाद-बीज भंडार के प्रोपराइटर सुनील कुमार का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। वहीं, नकटाखुर्द के मेसर्स विजय खाद-बीज भंडार के प्रोपराइटर संजय यादव और बिहारी के मेसर्स नमन खाद-बीज स्टोर के प्रोपराइटर सुमन कुमार के प्रतिष्ठान बंद पाए गए। इन खाद विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगा गया, और संतोषजनक जवाब न मिलने पर दोनों की अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कृषि विभाग की यह मुहीम रबी विपणन वर्ष 2025-26 के तहत पूरे जिले में चल रही है। अब तक कुल 683 छापेमारी की जा चुकी हैं, जिनमें 6 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, 5 लाइसेंस रद्द किए गए हैं, 8 लाइसेंस निलंबित हुए हैं, और 8 मामलों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जिले में उर्वरकों की वर्तमान उपलब्धता
निलंबित किए गए इन उर्वरक प्रतिष्ठानों के बंद पाए जाने की स्थिति में, गहन जांच के लिए अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, अररिया को निर्देश दिए गए हैं। IFMS पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 12 जनवरी 2026 तक अररिया जिले के कुल 1168 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के पास 8906.290 मीट्रिक टन यूरिया, यानी 1,97,918 बैग, उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, 941 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के पास 5658.327 मीट्रिक टन डीएपी, यानी 1,13,166 बैग, मौजूद है। यह दिखाता है कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा और खाद विक्रेता भी सही तरीके से अपना कारोबार कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






