spot_img

Rail Movement: सुबह 4:40 बजे के बाद अगली ट्रेन सीधे दोपहर 3:30 बजे…बेतिया में भारी आक्रोश, गोरखपुर ट्रेन की मांग पर होगा आंदोलन

spot_img
- Advertisement -

Rail Movement: सीमावर्ती इलाकों में रेल सुविधाओं की कमी को लेकर जनता का गुस्सा उबल रहा है। रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनों की भारी किल्लत यात्रियों की परेशानी का सबब बनी हुई है, जिससे अब बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

- Advertisement -

जानकारी के अनुसार, रक्सौल से नरकटियागंज के बीच चलने वाली ट्रेनों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 4:40 बजे के बाद अगली ट्रेन सीधे दोपहर 3:30 बजे मिलती है, जिसका मतलब है कि यात्रियों को लगभग 11 घंटे तक कोई सेवा नहीं मिलती। इस लंबी अवधि में छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे द्वारा कुछ ट्रेनों के विस्तार की घोषणा तो की गई है, लेकिन उनका परिचालन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सीमावर्ती क्षेत्रों में एक बार फिर Rail Movement की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

- Advertisement -

ट्रेनों की भारी कमी, यात्रियों को 11 घंटे इंतजार

रेल यात्रियों के मुताबिक, रेलवे प्रशासन द्वारा समय-समय पर ट्रेनों के विस्तार या नई ट्रेनों की घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका कोई खास लाभ यात्रियों को नहीं मिल पाता। प्रस्तावित समय सारिणी भी अक्सर व्यावहारिक नहीं होती, जिससे लोगों की परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ जाती है। खासकर गोरखपुर जाने के लिए सीधी ट्रेन न होने से लोगों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

- Advertisement -

गोरखपुर ट्रेन को लेकर बढ़ी मांग

यात्रियों की मुख्य मांगों में से एक गोरखपुर ट्रेन सेवा की शुरुआत है। वर्तमान में रक्सौल और सिकटा जैसे क्षेत्रों से गोरखपुर के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है, जिससे लोगों को कई बार ट्रेनें बदलनी पड़ती हैं या लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती है। यह परेशानी खासकर उन लोगों के लिए अधिक है जो व्यापार, शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गोरखपुर जाते हैं। एक सीधी गोरखपुर ट्रेन इन क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और लखनऊ एवं दिल्ली जैसे बड़े शहरों की यात्रा को भी सुगम बना सकती है।

Rail Movement की चेतावनी और जन प्रतिनिधियों से उम्मीदें

सिकटा और आसपास के ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे स्टेशन पर चक्का जाम सहित बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। लोगों को केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे से उम्मीद है कि वे इस रेलखंड पर सुविधाओं का विस्तार कराएंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Alwar Car Fire: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में लगी भीषण आग, 5 जिंदा जले, केवल हड्डियां मिलीं

Alwar Car Fire: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ है जिसने हर...

Bihar News: बिहार के निजी संस्थानों की स्क्रू टाइट, एक पंत दो काज… पढ़िए सरकार का नया पेंचकश @ऑटिज्म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बिहार कैबिनेट के फैसले: बिहार की नीतीश सरकार ने बुधवार को कई बड़े और...

Nalanda News: छत के सहारे घर में घुसे नकाबपोश, 20 मिनट तक महिला को बंधक बना लाखों की संपत्ति लूटी, इलाका सहमा

नालंदा लूट: बिहार के नालंदा जिले में बदमाशों ने एक बार फिर घर में...