
Bhagalpur News: यादें जब सेवा का रूप ले लेती हैं, तो समाज का कोना-कोना रोशन हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा भागलपुर के पीरपैंती में देखने को मिला, जहां एक पुण्य स्मृति ने सैकड़ों जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।
भागलपुर के पीरपैंती बाजार में स्वर्गीय अनुराधा खेतान की पुण्य स्मृति में एक भव्य सेवा एवं सहायता वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं समस्त खेतान परिवार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन आदर्शों को जीवित रखना था, जिनके लिए अनुराधा खेतान हमेशा जानी जाती थीं। कार्यक्रम में गरीब, असहाय एवं दिव्यांगजनों के बीच सिलाई मशीन, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र तथा वस्त्रों का वितरण किया गया। आयोजकों ने बताया कि स्वर्गीय अनुराधा खेतान समाजसेवा के कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं और जरूरतमंदों की मदद करना उनके स्वभाव में था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bhagalpur News: आत्मनिर्भरता का दिया संदेश
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना भी था। जरूरतमंद महिलाओं और पुरुषों को सिलाई मशीनें देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवनयापन कर सकें। वहीं, दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र देकर उनकी दैनिक जीवन की चुनौतियों को कम करने का एक सार्थक प्रयास किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता तथा कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय अनुराधा खेतान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके समाज सेवा के कार्यों को याद किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
स्मृतियों को जीवित रखने का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्यों की अत्यंत आवश्यकता है। जब भी कोई सक्षम व्यक्ति जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आता है, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव की लहर दौड़ पड़ती है। यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है कि कैसे हम अपने प्रियजनों की स्मृतियों को समाज की भलाई के कार्यों से जोड़कर अमर बना सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कार्यक्रम के अंत में वहां मौजूद सभी लोगों ने स्वर्गीय अनुराधा खेतान के दिखाए आदर्शों पर चलने और समाज सेवा के इस सिलसिले को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। खेतान परिवार ने यह भी कहा कि उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए हर वर्ष ऐसे सेवा कार्य आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाई जा सके।


